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बायजू की पैरेंट कंपनी की दिवाला प्रक्रिया...मणिपाल ग्रुप ने दिखाई दिलचस्पी

बायजू की पैरेंट कंपनी की दिवाला प्रक्रिया...मणिपाल ग्रुप ने दिखाई दिलचस्पी

संक्षेप: मणिपाल एजुकेशन एंड मेडिकल ग्रुप इंडिया (MEMG) ने समाधान योजना तैयार करने और प्रस्तुत करने की व्यावहारिकता का आकलन करने के लिए सूचना ज्ञापन, डिजिटल डेटा रूम, मूल्यांकन और अन्य जानकारी तक पहुंच का अनुरोध किया है।

Thu, 13 Nov 2025 10:38 PMDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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रंजन पई के नेतृत्व वाली मणिपाल एजुकेशन एंड मेडिकल ग्रुप इंडिया ने संकट में फंसी एडुटेक कंपनी बायजू की पैरेंट कंपनी थिंक एंड लर्न की कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया में शामिल होने के लिए रुचि पत्र (ईओआई) दिया है। ईओआई के अनुसार, मणिपाल एजुकेशन एंड मेडिकल ग्रुप इंडिया (MEMG) ने समाधान योजना तैयार करने और प्रस्तुत करने की व्यावहारिकता का आकलन करने के लिए सूचना ज्ञापन, डिजिटल डेटा रूम, मूल्यांकन और अन्य जानकारी तक पहुंच का अनुरोध किया है।

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एमईएमजी ने दूसरी बार दिया ईओआई

समाधान पेशेवेर (आरपी) के पास दायर दस्तावेज के अनुसार एमईएमजी इंडिया ने संभावित समाधान आवेदकों (पीआरए) की सूची में शामिल करने का आग्रह किया है और संभावित समाधान योजना के मूल्यांकन के उद्देश्य से कंपनी के वित्तीय और परिचालन विवरणों की जांच करने की इच्छा जताई है। वास्तव में, यह एमईएमजी द्वारा दूसरी बार ईओआई दिया गया है। इससे पहले, समाधान पेशेवर द्वारा इस तरह की प्रस्तुति की समय-सीमा 13 नवंबर, 2025 तक बढ़ाया गया था।

MEMG इंडिया के रुचि पत्र में क्या है?

कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) में, परिचालन और वित्तीय लेनदारों से ऋण एकत्र करने के बाद, समाधान पेशेवर बोली प्रक्रिया में भाग लेने के लिए इच्छुक पक्षों से ईओआई आमंत्रित करता है। एमईएमजी इंडिया के रुचि पत्र में दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत निर्धारित सभी वैधानिक प्रतिबद्धताएं शामिल हैं। एमईएमजी के बयान के अनुसार, कंपनी ने प्रमाणित किया है कि वह संभावित समाधान आवेदकों के लिए पात्रता मानदंडों को पूरा करती है।

ईओआई प्रस्तुत करने के बाद, समाधान प्रदाता पात्रता का मूल्यांकन करता है, पीआरए (संभावित समाधान आवेदनकर्ता) की एक अस्थायी सूची जारी करता है, जिसके बाद बोलियों के साथ एक अंतिम सूची जारी की जाती है। चयनित समाधान योजनाओं को ऋणदाताओं के निकाय, कर्जदाताओं की समिति के समक्ष रखा जाता है, जो उस पर मतदान करती है। अंत में, इसे राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण की संबंधित पीठ से मंजूरी लेना भी आवश्यक है।

Deepak Kumar

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दीपक कुमार, हिन्दुस्तान डिजिटल में बिजनेस की खबरें लिखते हैं। वह स्टॉक मार्केट, यूटिलिटी समेत बिजनेस सेक्शन से जुड़ी हर खबरों की ना सिर्फ समझ रखते हैं, बल्कि आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। दीपक की बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी जबरदस्त पकड़ है। उन्हें बेहतरीन काम की सराहना मिलती रही है और सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से सीवान (बिहार) के रहने वाले दीपक के पास करीब 11 साल का अनुभव है। करियर की बात करें तो अमर उजाला से शुरू हुआ सफर दैनिक भास्कर,आजतक, इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप होते हुए हिन्दुस्तान डिजिटल तक पहुंच चुका है। फिलहाल, वह हिन्दुस्तान डिजिटल में बतौर असिस्टेंट न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं, पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए हिमाचल यूनिवर्सिटी चले गए। दीपक सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते हैं। उन्हें नई-नई तकनीक से रूबरू होना अच्छा लगता है। खाली वक्त में फिल्में देखना या क्रिकेट खेलना पसंद करते हैं। और पढ़ें
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