
बैंक निफ्टी में बड़ा फेरबदल, इंडेक्स में शामिल होते ही यस और यूनियन बैंक के शेयर चढ़े
Bank Nifty: यस बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडियाके शेयरों में 2 दिसंबर को 3 प्रतिशत तक की बढ़त देखी गई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने 1 दिसंबर को घोषणा की कि इन दोनों बैंकों को बैंक निफ्टी इंडेक्स में 31 दिसंबर, 2025 से शामिल किया जाएगा। इस सेक्टोरल इंडेक्स में अब 12 के बजाय कुल 14 शेयर होंगे।
Bank Nifty: यस बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडियाके शेयरों में 2 दिसंबर को 3 प्रतिशत तक की बढ़त देखी गई। इसका कारण है कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने 1 दिसंबर को घोषणा की कि इन दोनों बैंकों को बैंक निफ्टी इंडेक्स में 31 दिसंबर, 2025 से शामिल किया जाएगा। इस बदलाव के साथ, इस सेक्टोरल इंडेक्स में अब 12 के बजाय कुल 14 शेयर होंगे।
2 दिसंबर को एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक जैसे वित्तीय भारी-भरकम शेयर 0.8% से 1.3% तक गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे। इसके उलट, वहीं इंडियन बैंक का शेयर भी 2.5% गिरकर 865.65 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गया, क्योंकि बाजार में इसे बैंक निफ्टी इंडेक्स में शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही थी।
वेटेज पर लगी सीमा
एनएसई ने यह भी कहा कि इंडेक्स के टॉप 3 स्टॉक्स का भार (वेटेज) क्रमशः 19%, 14% और 10% तक सीमित रखा जाएगा। पहले प्रस्ताव में शीर्ष घटक का भार 20% या उससे कम और शीर्ष तीन का कुल भार 45% या उससे कम रखने की बात कही गई थी।
फंडों के आवागमन पर असर
आईआईएफएल ऑल्ट डेस्क केअनुमान के मुताबिक, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक से क्रमशः 351 मिलियन डॉलर और 331 मिलियन डॉलर की निकासी हो सकती है, जो उनके औसत दैनिक कारोबार (एडीवी) का 1.9 गुना और 1.5 गुना है। वहीं, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और यस बैंक में क्रमशः 100 मिलियन डॉलर और 115 मिलियन डॉलर की आवक होने का अनुमान है, जो उनके एडीवी का लगभग 5 गुना और 4.9 गुना है।
फेडरल बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक भी ऐसे शेयर हैं जहां एडीवी से 2 गुना अधिक की आवक हो सकती है। इन बदलावों के कारण होने वाले फंड प्रवाह के समायोजन मार्च 2026 तक चार मासिक किस्तों में लागू किए जाएंगे।
दूसरे शोध फर्म के अनुमान
नुवामा ऑल्टरनेटिव एंड क्वांटिटेटिव रिसर्च के अनुमानों के मुताबिक, इस संशोधन के चलते यस बैंक में 140 मिलियन डॉलर और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में 109 मिलियन डॉलर की आवक हो सकती है। वहीं, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक में उनके भार घटने के कारण क्रमशः 322 मिलियन डॉलर और 348 मिलियन डॉलर की निकासी हो सकती है।





