AI का जादू: इस कंपनी के शेयर 2 ही दिन में 30% उछले, दो महीने के हाई पहुंचा
Happiest Minds Share Price: हैप्पिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के शेयर में पिछले दो कारोबारी सत्रों में करीब 30 प्रतिशत का उछाल आया है। इतनी बड़ी तेजी के साथ ही यह स्टॉक दो महीने के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।

हैप्पिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के शेयरों में बुधवार, 11 मार्च को 12 प्रतिशत की और बढ़ोतरी हुई, जिससे मंगलवार को आई 17 प्रतिशत की तेजी के साथ यह लगातार दूसरे दिन भी चढ़ाई पर रहा। इस दौरान कंपनी के शेयर में पिछले दो कारोबारी सत्रों में करीब 30 प्रतिशत का उछाल आया है। इतनी बड़ी तेजी के साथ ही यह स्टॉक दो महीने के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। बता दें हैपिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजीज के शेयर बुधवार को 10 बजे के करीब 11.9% बढ़कर ₹448 पर ट्रेड कर रहे थे। स्टॉक अभी भी अपने हाल के 52-हफ्ते के हाई से 40% से अधिक नीचे है।
मंगलवार को शेयर में भारी उछाल तब आया, जब कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ के अनुमान को संशोधित कर 12.5 प्रतिशत कर दिया। कंपनी का कहना है कि यह संशोधन उसकी AI-फर्स्ट रणनीति से मिल रही तेजी और विभिन्न क्षेत्रों से मजबूत मांग के कारण किया गया है। यानी कंपनी के शेयरों पर एआई का जादू दिख रहा है।
शेयर बाजारों को दी गई एक प्रेस विज्ञप्ति में, बेंगलुरु स्थित इस डिजिटल इंजीनियरिंग कंपनी ने कहा कि यह संशोधित आउटलुक चार वर्षों की अवधि में स्थिर मुद्रा के आधार पर 10 प्रतिशत वृद्धि के अपने पिछले अनुमान से अधिक है।
AI-फर्स्ट रणनीति का असर
यह वृद्धि अनुमान में बढ़ोतरी कंपनी की AI फर्स्ट पहल के बाद आई है, जिसे 10 फरवरी, 2026 को शुरू किया गया था। कंपनी का कहना है कि यह पहल उसके "ऑपरेटिंग मॉडल, सेवा वितरण ढांचे और ग्राहक जुड़ाव के दर्शन" को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के महत्व के इर्द-गिर्द पुनर्निर्देशित करती है, जिसे वैल्यु क्रिएशन के एक सिसटम के रूप में देखा जा रहा है।
हैप्पिएस्ट माइंड्स अब अपनी AI-केंद्रित रणनीति और व्यापक रणनीतिक पहलों से मिलने वाली गति के आधार पर वित्त वर्ष 2028 में 15 प्रतिशत वृद्धि हासिल करने का लक्ष्य रख रही है।
बढ़ती स्वीकार्यता और मजबूत कारोबार
कंपनी ने बताया कि इस पहल की शुरुआत के बाद उसने ग्राहकों की प्रतिक्रिया, पाइपलाइन मीट्रिक्स और बाजार के अवसरों की समीक्षा की और पाया कि उसके ग्राहकों के बीच AI-संचालित सेवाओं की स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है।
कंपनी के अधिकारियों ने क्या कहा
हैप्पिएस्ट माइंड्स के चेयरमैन और मुख्य मेंटर अशोक सूटा ने कहा, "हैप्पिएस्ट माइंड्स AI और अन्य रणनीतिक पहलों से प्रेरित होकर त्वरित विकास देख रहा है।" उन्होंने कहा कि AI-फर्स्ट दृष्टिकोण पहले से ही ठोस परिणाम दे रहा है और ग्राहकों के बदलाव को सक्षम बना रहा है।
कंपनी के को-चेयरमैन और सीईओ जोसेफ अनंतराजू ने कहा कि कंपनी वित्तीय सेवाओं, स्वास्थ्य सेवा, हाई-टेक और विनिर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों में AI को अपनाते हुए देख रही है, जिससे पाइपलाइन बेहतर हो रही है और कारोबार की गति मजबूत हो रही है।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। यहां सिर्फ शेयर के परफॉर्मेंस की जानकारी दी गई है, यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


