
₹82 के IPO पर दांव लगाने को टूटे निवेशक, 383 गुना हुआ सब्सक्राइब, लिस्टिंग पर होगा 122% का मुनाफा
कंपनी का आईपीओ को कुल 383.7 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। इसके खिलाफ सिर्फ 14,52,800 शेयर जारी थे, जबकि निवेशकों की ओर से 42 करोड़ से ज्यादा शेयरों के लिए बोलियां आईं। यानी छोटे से इश्यू के लिए जबरदस्त मांग देखने को मिली, जिससे लिस्टिंग को लेकर निवेशकों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।
Luxury Time IPO: स्विस लग्जरी घड़ियों के डिस्ट्रीब्यूशन और रिटेल कारोबार में काम करने वाली लग्जरी टाइम लिमिटेड के SME IPO ने सोमवार, 8 दिसंबर को बोली के आखिरी दिन जबरदस्त धूम मचा दी। कंपनी का आईपीओ को कुल 383.7 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। इसके खिलाफ सिर्फ 14,52,800 शेयर जारी थे, जबकि निवेशकों की ओर से 42 करोड़ से ज्यादा शेयरों के लिए बोलियां आईं। यानी छोटे से इश्यू के लिए जबरदस्त मांग देखने को मिली, जिससे लिस्टिंग को लेकर निवेशकों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।
क्या चल रहा GMP
लग्जरी टाइम लिमिटेड का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) भी तेज़ी से चढ़ रहा है। सोमवार जीएमपी ₹100 प्रति शेयर चल रहा था। चूंकि, IPO का ऊपरी प्राइस बैंड ₹82 है। यानी निवेशकों को 122% से ज्यादा के संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत मिल रहा है। हालांकि, GMP अनौपचारिक बाजार होता है, इसलिए वास्तविक लिस्टिंग प्राइस बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा।
कंपनी का आईपीओ
कंपनी का ₹18.74 करोड़ का यह SME IPO बुक-बिल्डिंग रूट से लाया गया है। इसमें ₹15 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹3.74 करोड़ का OFS शामिल है। प्राइस बैंड ₹78–₹82 तय किया गया है और एक लॉट में 1,600 शेयर हैं। रिटेल निवेशकों को कम से कम दो लॉट (3,200 शेयर) के लिए आवेदन करना जरूरी था, जिसकी लागत ऊपरी प्राइस पर करीब ₹2.62 लाख बनती है। IPO 4 दिसंबर को खुला था और अब बोली बंद होने के बाद, शेयरों का अलॉटमेंट 9 दिसंबर को और लिस्टिंग 11 दिसंबर को BSE SME प्लेटफ़ॉर्म पर होनी तय है।
कंपनी का कारोबार
2008 में स्थापित लग्जरी टाइम लिमिटेड स्विस लग्जरी घड़ियों का डिस्ट्रीब्यूशन, मार्केटिंग, रिटेल और सर्विसिंग का काम करती है। कंपनी के देशभर में 70 से ज्यादा पॉइंट्स ऑफ सेल हैं और यह B2B, D2C और ई-कॉमर्स जैसे पांच प्रमुख वर्टिकल्स में काम करती है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी की आय बढ़कर ₹60.78 करोड़ हो गई, जबकि मुनाफा दोगुने से भी ज्यादा—₹4.29 करोड़—तक पहुंच गया। तेज़ी से बढ़ती आय और मजबूत मांग की वजह से IPO को निवेशकों की ओर से भारी रिस्पॉन्स मिलता दिखाई दे रहा है।





