LPG सिलेंडर की कमी की खबरों पर सरकार का का आया बयान, आज के रेट भी चेक करें
LPG Price and Supply Updates: सरकार ने साफ कर दिया है कि एलपीजी सप्लाई पूरी तरह नियंत्रण में है और भविष्य में भी किसी बड़े संकट की आशंका नहीं है। सरकार का दावा है कि बुकिंग से डिलीवरी तक का समय 5-6 दिन ही बना हुआ है।

LPG Price and Supply Updates: एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई पर सरकार का बड़ा बयान आया है। सरकार ने कहा है कि स्थति पूरी तरह नियंत्रण में है। वहीं, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने उन रिपोर्ट्स को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि एलपीजी सप्लाई को सामान्य होने में चार साल तक लग सकते हैं। मंत्रालय ने ऐसे दावों को ‘भ्रामक’ और ‘घबराहट फैलाने वाला’ करार दिया है।
कई देशों से हो रही सप्लाई
सरकार के अनुसार, अब अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस जैसे देशों से सप्लाई सुनिश्चित की गई है। करीब 800 हजार मीट्रिक टन (TMT) एलपीजी का आयात पहले से तय किया जा चुका है, जो भारत की ओर आ रहा है। इससे आने वाले समय में सप्लाई और मजबूत रहने की उम्मीद है।
घरेलू उत्पादन में 40% का इजाफा
सरकार ने घरेलू स्तर पर उत्पादन बढ़ाने के लिए भी बड़े कदम उठाए हैं। 9 मार्च 2026 को जारी एलपीजी नियंत्रण आदेश के तहत सभी रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद देश में हर दिन एलपीजी का उत्पादन 40% बढ़कर करीब 50 हजार मीट्रिक टन तक पहुंच गया है, जबकि कुल जरूरत करीब 80 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन है।
डिलीवरी सिस्टम पहले जैसा, कोई संकट नहीं
मंत्रालय ने साफ किया कि देश में एलपीजी वितरण पूरी तरह सामान्य है। हर दिन औसतन 50 लाख सिलेंडर की डिलीवरी हो रही है और कहीं भी ‘ड्राई-आउट’ यानी सिलेंडर खत्म होने की स्थिति नहीं है। बुकिंग से डिलीवरी तक का समय 5-6 दिन ही बना हुआ है। उपभोक्ताओं को फिलहाल किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
कुल एलपीजी कनेक्शन 33.39 करोड़
सरकार ने यह भी बताया कि पिछले 10 वर्षों में एलपीजी इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी से विस्तार हुआ है। एलपीजी कनेक्शन 14.52 करोड़ से बढ़कर 33.39 करोड़ हो गए हैं। वितरकों की संख्या 13,896 से बढ़कर 25,607 हो गई और इससे देश की सप्लाई चेन पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुई है।
दुष्प्रचार से सावधान रहने की सलाह
मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि एलपीजी को लेकर एक सुनियोजित दुष्प्रचार अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य लोगों में अनावश्यक डर पैदा करना है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों और सरकारी जानकारी पर ही भरोसा करें।
एलपीजी सिलेंडर के क्या हैं आज के रेट
इंडेन से लेकर भारत गैस तक के एलपीजी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इंडियन ऑयल, बीपीसीएल, एचपीसीएल ने एलपीजी सिलेंडर के रेट जारी कर दी हैं।इंडेन के मुताबिक आज देहरादून में घरेलू सिलेंडर ₹932 और कमर्शियल ₹2136 का है। अंडमान में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के रेट ₹989 हैं तो कमर्शियल के ₹2496.50, तो दूसरी तरफ जयपुर में एलपीजी घरेलू सिलेंडर ₹916.5 और 19 किलो वाला कमर्शियल ₹2031 में बिक रहा है।
दिल्ली में एलपीजी 14.2 किलो वाला सिलेंडर ₹913 और कमर्शियल ₹2078.50 का है। लखनऊ में घरेलू सिलेंडर जहां ₹950.50 में मिल रहा है वहीं कमर्शियल ₹2201 का है। पटना में आज घरेलू सिलेंडर ₹1011 और कमर्शियल ₹2365 का है।
चेन्नई में घरेलू सिलेंडर ₹928.50 और कमर्शियल ₹2,246.50 का है। बेंगलुरु में घरेलू ₹915.50 और कमर्शियल ₹2161 में बिक रहा है। मुंबई में 14.2 किलो वाला घरेलू एलपीजी सिलेंडर ₹912.50 और कमर्शियल ₹2031का है। हैदराबाद में घरेलू एलपीजी सिलेंडर का रेट ₹965 और कमर्शियल ₹2321 है। कोलकाता में घरेलू सिलेंडर ₹939 और कमर्शियल ₹2208 में मिल रहा है।
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


