ईंधन के दाम में 3% से भी ज्यादा की आई गिरावट... सरकार ने समझाया गणित
मुख्य बातें
- पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि जहां कई देशों में ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है
- वहीं, भारत में मई 2022 से मई 2026 के बीच दरों में 3.1 प्रतिशत की गिरावट आई है

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग की वजह से फ्यूल संकट की खबरों के बीच एक बार फिर से सरकार की ओर से भरोसा दिया गया है। इसके साथ ही सरकार की ओर से बताया गया है कि दूसरे देशों के मुकाबले अब भी पेट्रोल और डीजल के दाम कम हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को कहा, "देश में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है और कच्चे तेल, एलपीजी एवं प्राकृतिक गैस की आपूर्ति स्थिति काफी संतोषजनक है। जहां कई देशों में ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। वहीं, भारत में मई 2022 से मई 2026 के बीच दरों में 3.1 प्रतिशत की गिरावट आई है।"
दूसरे देशों में कितनी बढ़ोतरी?
उन्होंने कहा कि ईरान संकट के कारण दुनिया भर में तेल की कीमतें बढ़ी हैं। मई 2022 से मई 2026 के दौरान विभिन्न देशों में ईंधन की कीमतों के आंकड़े साझा करते हुए पुरी ने कहा कि इस अवधि में पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतें 70 प्रतिशत, श्रीलंका में 66 प्रतिशत, फ्रांस में 47 प्रतिशत, इटली में 46 प्रतिशत, बांग्लादेश में 36 प्रतिशत और अमेरिका में 35 प्रतिशत बढ़ी हैं। हरदीप सिंह पुरी ने आगे कहा, "एक तरफ जहां दुनिया में कीमतें 70-80 प्रतिशत तक बढ़ीं, वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यहां कीमतों में 3.1 प्रतिशत की कटौती की।"
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा नवंबर 2021, मई 2022 और अब हाल ही में, तीन बार केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कटौती किए जाने के बाद ईंधन की कीमतों में गिरावट आई है। पुरी ने कहा, "कुछ सप्ताह पहले ही पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई थी।" उन्होंने कहा कि इस कटौती से सरकारी बजट पर एक लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ा। उन्होंने कहा कि जापान के अलावा भारत में ईंधन कीमतों में सबसे कम वृद्धि दर्ज की गई। भारत में ईंधन कीमतों में 7.6 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने एक प्रश्न के जवाब में कहा कि डीजल की बिक्री को प्रति दिन 200 लीटर तक सीमित करना कालाबाजारी को रोकने के लिए किया गया है।
पुरी ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि देश में ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति 'काफी संतोषजनक' है। उन्होंने कहा, "हमारे पास 60 दिनों से अधिक का कच्चे तेल का भंडार है और प्राकृतिक गैस का भी 60 दिनों से ज्यादा का स्टॉक उपलब्ध है।" इसके अलावा रसोई गैस (एलपीजी) की स्थिति भी पूरी तरह सामान्य है। देश में एलपीजी का अधिकतम भंडार 75 से 80 दिनों का है।
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Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
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