
शराब बनाने वाली कंपनी को बंपर मुनाफा, शेयर खरीदने को टूट पड़े निवेशक
शराब बनाने वाली कंपनी रेडिको खेतान लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। रेडिको खेतान के शेयर की बात करें तो यह गुरुवार को 5.35% बढ़कर 2986.50 रुपये पर पहुंच गया।
Radico khaitan share price: शराब बनाने वाली कंपनी रेडिको खेतान लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस तिमाही में कंपनी का मुनाफा 62.26 प्रतिशत बढ़कर 154.93 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने रिकॉर्ड तिमाही बिक्री के कारण उसके मुनाफे में यह उछाल आया है। कंपनी ने शेयर बाजार को बताया कि पिछले वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में उसका मुनाफा 95.48 करोड़ रुपये रहा था। तिमाही के दौरान कंपनी का परिचालन राजस्व 22.13 प्रतिशत बढ़कर 5,423.83 करोड़ रुपये रहा है। बता दें कि कंपनी रामपुर इंडियन सिंगल माल्ट व्हिस्की, जैसलमेर इंडियन क्राफ्ट जिन, मैजिक मोमेंट्स वोदका और '8 पीएम' जैसे ब्रांड का स्वामित्व रखती है।
क्या कहा कंपनी ने?
रेडिको खेतान ने अपने वित्तीय परिणाम की जानकारी देते हुए कहा कि प्रीमियम उत्पादों पर ध्यान केंद्रित करने और कच्चे माल की कीमतों में अनुकूल बदलाव से मुनाफा बढ़ा है। कंपनी के प्रबंध निदेशक अभिषेक खेतान ने कहा-हमारे हाल के प्रीमियम और लक्जरी उत्पादों को बाजार में अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। कंपनी होटल, रेस्तरां और बार में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है, जिससे ग्राहकों के बीच ब्रांड की पैठ मजबूत हो रही है। हमारा ध्यान भारतीय लक्जरी ब्रांड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े पैमाने पर स्थापित करने पर है।
परफॉर्मेंस पर कमेंट करते हुए कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर ललित खेतान ने कहा कि दिसंबर तिमाही में कमाई की क्वालिटी में एक बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि भारतीय स्पिरिट्स सेक्टर लगातार मजबूत मोमेंटम दिखा रहा है, जिसे स्थिर डिमांड और प्रीमियम प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ते रुझान से सपोर्ट मिल रहा है। Q3 FY26 में इन ट्रेंड्स की वजह से हमें सभी मुख्य पैमानों पर अब तक के सबसे अच्छे तिमाही नतीजे मिले हैं।
शेयर में उछाल
रेडिको खेतान के शेयर की बात करें तो यह गुरुवार को 5.35% बढ़कर 2986.50 रुपये पर पहुंच गया। ट्रेडिंग के दौरान शेयर 3000 रुपये के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। शेयर के 52 हफ्ते का हाई 3,695 रुपये है। शेयर के 52 हफ्ते का लो 1,846.10 रुपये है। शेयरहोल्डिंग पैटर्न की बात करें तो प्रमोटर के पास 40.20 पर्सेंट हिस्सेदारी है। पब्लिक शेयरहोल्डिंग की बात करें तो 59.80 पर्सेंट हिस्सेदारी है।





