
17% उछला LIC का मुनाफा, बीमा कंपनी को लेकर सरकार का है बड़ा प्लान
दिसंबर तिमाही में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का मुनाफा 17 प्रतिशत बढ़कर 12,958 करोड़ रुपये रहा। एलआईसी ने पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की इसी तिमाही में 11,056 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। आइए जानते हैं कंपनी को लेकर सरकार का प्लान।
LIC Q3 Results: सार्वजनिक क्षेत्र की जीवन बीमा कंपनी एलआईसी ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। दिसंबर तिमाही में कंपनी का मुनाफा 17 प्रतिशत बढ़कर 12,958 करोड़ रुपये रहा। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की इसी तिमाही में 11,056 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। एलआईसी ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि इस तिमाही के दौरान बीमा कंपनी की नेट प्रीमियम इनकम बढ़कर 1,25,613 करोड़ रुपये हो गई जो एक साल पहले 2024-25 की इसी तिमाही में 1,06,891 करोड़ रुपये थी। इस बीच, एलआईसी के शेयर की बात करें तो 0.65% बढ़कर 840.45 रुपये पर बंद हुआ।
आय में इजाफा
एलआईसी की कुल आय भी दिसंबर तिमाही में बढ़कर 2,33,984 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 2,01,994 करोड़ रुपये थी। एलआईसी का नये कारोबार से प्रीमियम चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 10,605 करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले इसी तिमाही में 7,285 करोड़ रुपये था।
एफपीओ लाने का है प्लान
केंद्र सरकार एलआईसी को लेकर तगड़ा प्लान बना रही है। जानकारी के मुताबिक कंपनी अगले वित्त वर्ष में अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम (एफपीओ) के माध्यम से बीमा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एलआईसी में अपनी हिस्सेदारी और घटाने पर विचार कर रही है। वर्तमान में, एलआईसी में सरकार की 96.5 प्रतिशत हिस्सेदारी है। बता दें कि सरकार ने मई 2022 में आईपीओ के माध्यम से 902-949 रुपये प्रति शेयर के मूल्य दायरे में कंपनी में 3.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची थी। इस शेयर बिक्री से सरकार को करीब 21,000 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के नियमों के अनुसार, सरकार को मई, 2027 तक इस सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी में 10 प्रतिशत सार्वजनिक शेयरधारिता की अनिवार्यता को पूरा करने के लिए अपनी 6.5 प्रतिशत हिस्सेदारी और बेचनी होगी।





