एलजी के शेयरों में भारी गिरावट, मुनाफा 61% लुढ़का फिर भी ₹1700 के पार जाने का अनुमान
LG Share Price: एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के शेयरों में गुरुवार, 12 फरवरी को कारोबार के दौरान 8% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट कंपनी की ओर से दिसंबर तिमाही (वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही) के नतीजे घोषित किए जाने के बाद आई।

एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के शेयरों में गुरुवार, 12 फरवरी को कारोबार के दौरान 8% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट कंपनी की ओर से दिसंबर तिमाही (वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही) के नतीजे घोषित किए जाने के बाद आई। कंपनी के मुनाफे में सालाना आधार पर 61.58% की भारी कमी आई है, जो घटकर सिर्फ 89.67 करोड़ रुपये रह गया। कंपनी ने नियामक के पास दाखिल दस्तावेज में बताया कि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि (अक्टूबर-दिसंबर 2024) में उसे 233.45 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। इस हिसाब से मुनाफे में भारी कमी साफ देखी जा सकती है।
रेवेन्यू लगभग स्थिर, खर्च में मामूली कटौती
दिसंबर तिमाही में एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया का रेवेन्यू ऑपरेशन लगभग पिछले साल के बराबर ही रहा। यह 4,114.4 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले यह 4,395.53 करोड़ रुपये था। वहीं, कंपनी के कुल खर्च में 2.77% की सालाना कमी आई और यह 4,038.36 करोड़ रुपये पर आ गया।
दिवाली के बाद मांग में नरमी का असर
बता दें कि यह एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया का शेयर बाजार में पिछले साल अक्टूबर में लिस्टिंग के बाद दूसरा तिमाही नतीजा है। कंपनी के घरेलू उपकरण और एयर सॉल्यूशंस (एचएंडए) सेगमेंट के राजस्व में 9.8% की गिरावट आई, जो 2,788.09 करोड़ रुपये रह गया। कंपनी की आय रिपोर्ट के अनुसार, यह गिरावट दिवाली के बाद 'मांग में नरमी' के कारण आई।
ब्रोकरेज फर्म की राय: खरीदारी की सलाह बरकरार
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के मुताबिक, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स की तीसरी तिमाही के नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे। इसकी वजह त्योहारी सीजन के बाद की सुस्ती और व्यापार व उपभोक्ता मांग में कमी बताई गई। रिपोर्ट में कहा गया कि कंपनी ने अपनी ब्रांड छवि बनाए रखने के लिए कीमतों में कटौती नहीं की, जिसका सीधा असर उसके मार्जिन पर पड़ा। साथ ही, बढ़ती कमोडिटी कीमतों और करेंसी में गिरावट ने भी मार्जिन पर दबाव बनाया।
हालांकि, ब्रोकरेज फर्म ने कंपनी को लेकर सकारात्मक रुख बनाए रखा है। उसका कहना है कि एलजी की मजबूत ब्रांडिंग, प्रीमियम पोजिशनिंग और व्यापक वितरण नेटवर्क के दम पर बाजार में अग्रणी स्थिति बरकरार है। ऑफलाइन टीवी बाजार में कंपनी ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है, जिससे उसका दबदबा और मजबूत हुआ है। इसके अलावा, श्री सिटी में कंपनी का नया प्लांट वित्त वर्ष 2027 की तीसरी तिमाही तक शुरू होने की उम्मीद है, जिससे सप्लाई चेन अधिक कुशल होगी और बाजार तक तेजी से पहुंच बनेगी।
टार्गेट प्राइस घटाकर 1,746 रुपये किया
ब्रोकेज का मानना है कि मजबूत ब्रांड इक्विटी, वितरण क्षमता और बैकवर्ड इंटीग्रेशन के चलते एलजी मध्यम अवधि में लगातार वृद्धि और मार्जिन को बरकरार रखने में सक्षम है। फर्म ने ‘खरीदें’ की रेटिंग बरकरार रखते हुए डीसीएफ आधारित टार्गेट प्राइस घटाकर 1,746 रुपये कर दिया है, जो पहले 1,875 रुपये था।
आज का शेयर भाव और तकनीकी विश्लेषण
एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर आज बीएसई पर 1,421.05 रुपये पर खुला। कारोबार के दौरान यह 1,492.95 रुपये के ऊपरी स्तर और 1,394.25 रुपये के निचले स्तर तक गया।
लक्ष्मीश्री इन्वेस्टमेंट एंड सिक्योरिटीज के हेड ऑफ रिसर्च अंशुल जैन के मुताबिक, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर लिस्टिंग के 67 दिनों के अंदर करीब 24% टूट चुके थे। इसके बाद इसमें सुधार हुआ और यह 1,530 रुपये के स्तर तक वापस आया, जो 50% की रिकवरी दर्शाता है।
तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि तिमाही नतीजों के बाद शेयर में गैप-डाउन ओपनिंग हुई है, लेकिन 1,400 रुपये के निचले स्तर से कीमतों में मजबूती दिख रही है। उनका मानना है कि जब तक शेयर 1,520 रुपये के गैप को भर नहीं लेता, तब तक भावनाएं सुस्त बनी रह सकती हैं। फिलहाल 1,400 से 1,520 रुपये का दायरा निकट अवधि के लिए अहम ट्रेडिंग रेंज होगा।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


