
कहां तक पहुंचा सरकारी बैंकों के विलय का मामला? बैंकरों ने बताया
बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूको बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब एंड सिंध बैंक को आने वाले महीनों में आंशिक विनिवेश के लिए चुना गया है। इसका उद्देश्य सरकारी हिस्सेदारी को सेबी के न्यूनतम सार्वजनिक शेयरहोल्डिंग मानदंड के अनुरूप लाना है।
सरकारी बैंकों के विलय की सुगबुगाहट नहीं है। जानकारी के मुताबिक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) के विलय के बारे में बैंकों को सरकार से अभी तक कोई सूचना नहीं मिली है। यह जानकारी मामले से वाकिफ बैंकरों ने मनीकंट्रोल को दी है। हालांकि, बैंकरों ने यह भी कहा कि विलय एक लॉन्गटर्म का टारगेट है लेकिन अभी तक कोई औपचारिक चर्चा या निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।

बैलेंस शीट को मजबूत करने पर फोकस
एक बैंकर ने कहा- वित्त मंत्रालय की ओर से किसी भी विलय प्रस्ताव पर कोई सूचना नहीं मिली है। फिलहाल, ध्यान बैलेंस शीट को मजबूत करने पर है। इसके बजाय, अधिकांश सार्वजनिक बैंक वर्तमान में न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता (MPS) मानदंडों का पालन करने के लिए सरकार की शेयरहोल्डिंग को कम करने के प्रयासों को प्राथमिकता दे रहे हैं। बता दें कि कई बैंक अगली कुछ तिमाहियों में अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम (FPO) या योग्य संस्थागत नियोजन (QIP) के माध्यम से शेयर बिक्री की संभावना तलाश रहे हैं। एक अन्य बैंकर के मुताबिक तात्कालिक लक्ष्य MPS सीमा को पूरा करना है, न कि विलय।
आंशिक हिस्सेदारी बेचने की योजना
सरकार 5 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में ऑफर फॉर सेल के जरिए अपनी हिस्सेदारी विनिवेश योजनाओं पर काम कर रही है। जानकारी के मुताबिक बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूको बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब एंड सिंध बैंक को आने वाले महीनों में आंशिक विनिवेश के लिए चुना गया है। इसका उद्देश्य इन बैंकों में सरकारी हिस्सेदारी को सेबी के 25 प्रतिशत के न्यूनतम सार्वजनिक शेयरहोल्डिंग मानदंड के अनुरूप लाना है।
किन बैंकों के विलय की चर्चा?
मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था कि इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB), सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (CBI), बैंक ऑफ इंडिया (BOI) और बैंक ऑफ महाराष्ट्र (BOM) का पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) जैसे बड़े बैंकों के साथ विलय किया जा सकता है। बता दें कि 2017 और 2020 के बीच, सरकार ने 10 सार्वजनिक बैंकों का चार बड़ी संस्थाओं में विलय कर दिया, जिससे सरकारी बैंकों की संख्या 2017 के 27 से बढ़कर 12 हो गई। इस दौरान, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का पंजाब नेशनल बैंक में विलय हुआ जबकि सिंडिकेट का केनरा बैंक में विलय हुआ।





