लेमन ट्री होटल्स के इस बड़े फैसले से शेयरों में उछाल, 2 हिस्सों में बंटेगी कंपनी
आज लेमन ट्री होटल्स के शेयर का भाव बीएसई पर 155.05 रुपये प्रति शेयर पर खुला। दिन के कारोबार में शेयर ने 155.90 रुपये का उच्चस्तर और 151.55 रुपये का निचला स्तर छुआ, हालांकि बाद में यह दिन के उच्चस्तर से नीचे आ गया।

लेमन ट्री होटल्स के शेयर सोमवार को कारोबार के दौरान 4% उछले। वह भी तब मार्केट में गिरावट है। यह उछाल कंपनी द्वारा वैल्यू क्रिएशन और फंड जुटाने पर केंद्रित एक बड़े पुनर्गठन पहल की घोषणा के बाद आया। इस पुनर्गठन में कंपनी को दो अलग-अलग इकाइयों में बांटना और वारबर्ग पिंकस को रणनीतिक साझेदार बनाना शामिल है। आज लेमन ट्री के शेयर की कीमत
आज लेमन ट्री होटल्स के शेयर का भाव बीएसई पर 155.05 रुपये प्रति शेयर पर खुला। दिन के कारोबार में शेयर ने 155.90 रुपये का उच्चस्तर और 151.55 रुपये का निचला स्तर छुआ, हालांकि बाद में यह दिन के उच्चस्तर से नीचे आ गया।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)
पुनर्गठन की योजना
इस नई योजना के तहत, लेमन ट्री होटल्स अब एक समर्पित, एसेट-लाइट (कम संपत्ति वाला) होटल प्रबंधन और ब्रांडिंग प्लेटफॉर्म बन जाएगा। वहीं, एक नई बनाई गई इकाई, 'फ्लेर होटल्स' के पास समूह की होटल स्वामित्व वाली संपत्तियां और उनके विकास की क्षमता होगी। फिलहाल, लेमन ट्री के पास फ्लेर होटल्स में 58.91% हिस्सेदारी है, जबकि एपीजी के पास बाकी 41.09% है।
क्या है डील में
इस डील के तहत, प्राइवेट इक्विटी फर्म वारबर्ग पिंकस, एपीजी की फ्लेर होटल्स में पूरी 41.09% हिस्सेदारी खरीद लेगी। इसके अलावा, वारबर्ग ने भविष्य के डेवलपमेंट के लिए चरणबद्ध तरीके से फ्लेर होटल्स में 960 करोड़ रुपये निवेश करने का वादा किया है। लेमन ट्री होटल्स अपनी दो पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों को मूल कंपनी में मिला देगा, जबकि चार अन्य सहायक कंपनियों का फ्लेर होटल्स में विलय कर दिया जाएगा।
शेयरधारकों को फायदा
कंपनी 12 होटल भी फ्लेर होटल्स को हस्तांतरित करेगी, जिसके बदले में फ्लेर के शेयर सीधे लेमन ट्री के शेयरधारकों को जारी किए जाएंगे। निर्धारित अनुपात के मुताबिक, लेमन ट्री होटल्स के हर 311 शेयरों के बदले शेयरधारकों को फ्लेर होटल्स के 20 शेयर मिलेंगे।
पुनर्गठन के बाद का परिदृश्य
पुनर्गठन के बाद, फ्लेर होटल्स के पास 5,813 कमरों वाले 41 होटल होंगे, जो वर्तमान में 3,993 कमरों वाले 24 होटल हैं। दूसरी ओर, लेमन ट्री होटल्स 6,011 कमरों वाले 89 होटलों का प्रबंधन करेगा, जिनका स्वामित्व या तो फ्लेर होटल्स या तीसरे पक्ष के मालिकों के पास होगा। व्यवस्था पूरी होने पर, लेमन ट्री के शेयरधारक सीधे फ्लेर होटल्स के 32.96% मालिक होंगे, जबकि लेमन ट्री 41.03% हिस्सेदारी बरकरार रखेगी। फ्लेर होटल्स में बची हुई 26.01% हिस्सेदारी वॉरबर्ग पिंकस के पास होगी।
विश्लेषकों की क्या है राय
नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने इस लेन-देन को सकारात्मक बताया है। उनका कहना है कि इससे वारबर्ग पिंकस फिर से पूंजी के समीकरण में शामिल हो गए हैं। उनकी भागीदारी से भविष्य में बड़े पूंजी निवेश का जोखिम कम हो गया है और फ्लेर के सार्वजनिक लिस्टिंग का रास्ता साफ हो गया है।
हालांकि, उनका यह भी मानना है कि मूल्य सृजन इस बात पर निर्भर करेगा कि बाजार एसेट-लाइट और एसेट-हैवी, दोनों क्षेत्रों को कितना ऊंचा मूल्यांकन देता है। फिलहाल उनकी नजर में यह पुनर्गठन मूल्य के लिहाज से तटस्थ है।
आईसीआईसीआई डायरेक्ट रिसर्च ने कहा है कि फ्लेर होटल्स भारत में हॉस्पिटैलिटी एसेट के सबसे बड़े मालिकों में से एक बन जाएगा। वित्तीय पहलुओं पर, उन्होंने बताया कि फ्लेर का राजस्व FY23 से FY25 तक 21% की सालाना दर से बढ़ा है और उसके EBIDTA मार्जिन 42.8% हैं।
ज्यादातर मौजूदा होटलों का नवीनीकरण पूरा हो चुका है, जिससे उनके किराये की दरें बढ़ने और फ्लेर के राजस्व व ईबीआईटीडीए में सुधार की उम्मीद है। उनका मानना है कि वॉरबर्ग का अतिरिक्त निवेश कमरों की उपलब्धता बढ़ाएगा।
इस बीच, लेमन ट्री होटल्स को प्रबंधन शुल्क की आय में दोहरे अंकों की वृद्धि मिलेगी और लगभग 24% के रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (RoCE) के साथ उच्च मार्जिन बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि समग्र तौर पर, उनका मानना है कि फ्लेर होटल्स और लेमन ट्री होटल्स दोनों भविष्य में अपने शेयरधारकों के लिए मूल्य सृजन करेंगे।

लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया:-लाइव हिन्दुस्तान में पिछले 6 साल से बिजनेस टीम का अहम हिस्सा हैं। दृगराज को पत्रकारिता में 21 वर्षों का लंबा अनुभव है। इन्होंने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी स्पेशल खबरों से खास पहचान बनाई है। शेयर मार्केट, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी पर विशेष पकड़। मैथ्स से ग्रेजुएट, मास कम्युनिकेशन और कंप्यूटर साइंस में पीजी डिप्लोमा। दृगराज, रिसर्च और एनॉलिस के जरिए मार्केट डेटा को आसान भाषा में 'कुछ अलग' पाठकों तक पहुंचाते हैं। लाइव हिन्दुस्तान से पहले साढ़े सात साल तक हिन्दुस्तान अखबार में बतौर सीनियर रिपोर्टर काम किया। इसके अलावा सहारा समय, दैनिक जागरण, न्यूज नेशन में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
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