मेगा ऑर्डर मिलने ही दौड़ पड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी का शेयर, आपका है दांव?
मुख्य बातें
- लार्सन एंड टुब्रो (L&T) को एक मेगा ऑर्डर मिला है
- यह ऑर्डर करीब 15000 करोड़ रुपये का है
- बता दें कि कंपनी ₹10000 करोड़ से ₹15000 करोड़ की रेंज वाले ऑर्डर को मेगा ऑर्डर की कैटेगरी में रखती है

Larsen and Toubro share: भारत की सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) को एक मेगा ऑर्डर मिला है। इस ऑर्डर की खबर के बीच कंपनी के शेयर में गुरुवार को उछाल आया। सप्ताह के चौथे दिन यह शेयर करीब 2 पर्सेंट उछाल के साथ 4070 रुपये तक जा पहुंचा। बहरहाल, आइए जानते हैं कंपनी को मिले ऑर्डर की डिटेल।
कितना बड़ा है ऑर्डर?
लार्सन एंड टुब्रो ने गुरुवार, 13 अगस्त को बताया कि उसे टुगेदर AI के साथ एक स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के तहत भारत की सबसे बड़ी NVIDIA B300 AI फैक्ट्री बनाने का एक मेगा ऑर्डर मिला है। कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि AI फैक्ट्री बिजनेस में कदम रखते हुए वह टुगेदर AI के AI-नेटिव क्लाउड प्लेटफॉर्म को बड़े पैमाने पर ट्रेनिंग और इन्फरेंस के लिए पावर देने के लिए अपने चेन्नई डेटा सेंटर कैंपस में NVIDIA B300 इंफ्रास्ट्रक्चर लगाएगी। यह ऑर्डर करीब 15000 करोड़ रुपये का है। बता दें कि कंपनी ₹10000 करोड़ से ₹15000 करोड़ की रेंज वाले ऑर्डर को मेगा ऑर्डर की कैटेगरी में रखती है।
L&T ने कहा कि उसकी कंपनी Vyoma.AI ने अपनी AI इंफ्रास्ट्रक्चर सब्सिडियरी LTN कंप्यूट के जरिए यह ऑर्डर हासिल किया है। कंपनी ने कहा कि यह AI फैक्ट्री बड़े पैमाने पर इन्फरेंस, फाइन-ट्यूनिंग और ट्रेनिंग वर्कलोड के लिए क्लाउड प्लेटफॉर्म को पावर देगी।
L&T के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर SN सुब्रह्मण्यन ने कहा, " यह L&T के गीगावाट AI इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन में एक अहम पड़ाव है। इससे भारत को अगली पीढ़ी के AI इंफ्रास्ट्रक्चर का ग्लोबल हब बनाने के हमारे संकल्प को और मजबूती मिलती है।"
बता दें कि शेयर के 52 हफ्ते का हाई 4,440 रुपये है। वहीं, शेयर के 52 हफ्ते का लो 3,288.65 रुपये है। कहने का मतलब है कि अभी शेयर अपने रिकवरी मोड में है। ऐसे में अगर आपके पोर्टफोलियो में शेयर है तो आगे हलचल की उम्मीद की जा सकती है।
कैसे रहे तिमाही नतीजे?
हाल ही में लार्सन एंड टुब्रो ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। इस तिमाही में कंपनी का मुनाफा लगभग 14 प्रतिशत बढ़कर 4,122.85 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने एक साल पहले की समान अवधि में 3,617.19 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था।
तिमाही के दौरान उसका परिचालन राजस्व बढ़कर 67,941.74 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 63,678.92 करोड़ रुपये था। कंपनी का अंतरराष्ट्रीय कारोबार से राजस्व 34,393 करोड़ रुपये रहा और इसने कुल राजस्व में 51 प्रतिशत का योगदान दिया।


