
21 जनवरी से खुलने जा रहा यह IPO, प्राइस बैंड ₹135, ग्रे मार्केट में अभी से ही तेजी
कंपनी का फोकस किडनी रोग, लिवर सिरोसिस, डायबिटीज, फैटी लिवर और अर्थराइटिस जैसी गंभीर बीमारियों के आयुर्वेदिक इलाज पर है। IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने विस्तार, डिजिटल हेल्थ सेवाओं और फाइनेंशियल मजबूती के लिए करने जा रही है।
KRM Ayurveda IPO: केआरएम आयुर्वेद लिमिटेड ने अपना ₹56.93 करोड़ का IPO लाने का ऐलान किया है, जो 21 जनवरी 2026 को खुलेगा और 23 जनवरी 2026 को बंद होगा। इसका प्राइस बैंड 135 रुपये है। ग्रे मार्केट में अभी से ही इसके शेयर ₹20 प्रीमियम पर हैं। 2019 में शुरू हुई यह कंपनी आयुर्वेदिक हेल्थकेयर के क्षेत्र में काम करती है और फिलहाल देश के अलग-अलग शहरों में 6 अस्पताल और 5 क्लीनिक चला रही है। कंपनी का फोकस किडनी रोग, लिवर सिरोसिस, डायबिटीज, फैटी लिवर और अर्थराइटिस जैसी गंभीर बीमारियों के आयुर्वेदिक इलाज पर है। IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने विस्तार, डिजिटल हेल्थ सेवाओं और फाइनेंशियल मजबूती के लिए करने जा रही है।
केआरएम आयुर्वेद लिमिटेड का बिजनेस मॉडल इसे दूसरी हेल्थकेयर कंपनियों से अलग बनाता है। कंपनी के पास अपना GMP-certified मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है, जहां आयुर्वेदिक दवाओं का निर्माण, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग की जाती है। इसके साथ-साथ कंपनी इन-पेशेंट और आउट-पेशेंट सेवाएं, पंचकर्म थैरेपी, स्पेशल क्लीनिक, वेलनेस पैकेज और टेलीमेडिसिन सर्विस भी देती है। टेलीमेडिसिन के जरिए देश-विदेश के मरीज ऑनलाइन कंसल्टेशन ले सकते हैं। कंपनी की मेडिकल टीम में 31 BAMS डॉक्टर और 59 प्रशिक्षित आयुर्वेदिक थैरेपिस्ट शामिल हैं। कंपनी के ऑपरेशंस को मैनेजिंग डायरेक्टर पुनीत धवन और CEO संचिट हंस संभाल रहे हैं।
कंपनी की वित्तीय स्थिति
अगर वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी के आंकड़ों में उतार-चढ़ाव जरूर रहा है, लेकिन FY2025 में मजबूत रिकवरी देखने को मिली है। FY2023 में रेवेन्यू ₹89.29 करोड़ था, जो FY2024 में घटकर ₹67.16 करोड़ रह गया। इसके बाद FY2025 में रेवेन्यू बढ़कर ₹76.55 करोड़ पहुंच गया। सबसे अहम बात यह रही कि FY2025 में कंपनी का PAT मार्जिन 15.72% रहा, जो पिछले साल के मुकाबले काफी बेहतर है। इससे साफ संकेत मिलता है कि कंपनी की कमाई की स्थिति में सुधार आया है, जो निवेशकों के लिए सकारात्मक माना जा सकता है।
कंपनी की योजना
हालांकि, कंपनी के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। कर्मचारियों के लगातार छोड़ने की दर काफी ज्यादा रही है, जिससे भर्ती लागत और सर्विस क्वालिटी पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, कंपनी का बड़ा हिस्सा दिल्ली और हरियाणा जैसे सीमित राज्यों से आता है, जिससे भौगोलिक जोखिम बना रहता है। ऑपरेटिंग कैश फ्लो भी हाल के सालों में निगेटिव रहा है और वर्किंग कैपिटल की जरूरत लगातार बढ़ रही है। इसके बावजूद, आयुर्वेद और डिजिटल हेल्थकेयर की बढ़ती मांग को देखते हुए केआरएम आयुर्वेद लिमिटेड आईपीओ के जरिए अपनी फाइनेंशियल पोजीशन मजबूत करने और भविष्य की ग्रोथ के लिए नया रास्ता खोलने की कोशिश कर रही है।

लेखक के बारे में
Varsha Pathakवर्षा पाठक लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं और पिछले 4 सालों से इस संस्थान से जुड़ी हुई हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें लगभग 8 साल का अनुभव है। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। बिहार की रहने वाली वर्षा वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के बिजनेस सेक्शन के लिए खबरें लिखती हैं। उन्हें स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, यूटिलिटी, टैक्स, बजट, एक्सप्लेनर, इंटरव्यूज और कॉरपोरेट सेक्टर से जुड़ी खबरों की समझ है। जटिल आर्थिक विषयों को सरल, तथ्यात्मक और पाठकों के लिए उपयोगी भाषा में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की विशेषता है। हिन्दुस्तान से पहले वर्षा दैनिक भास्कर (प्रिंट), मनी भास्कर और नेटवर्क18 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुकी हैं। उन्हें फील्ड रिपोर्टिंग का अनुभव भी है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्षा को मनी भास्कर में सबसे अधिक UVs-PVs का पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा, लाइव हिन्दुस्तान में भी वर्षा का टॉप परफॉर्मेंस रहा है और इसके लिए पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
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