अडानी के इस शेयर पर जेपी मॉर्गन की नजर, ट्रेडर्स से कहा- पोर्टफोलियो में जोड़ लो
गौतम अडानी समूह की कंपनी अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) के शेयर भी शुक्रवार को बिकवाली मोड में नजर आए। जेपी मॉर्गन ने अडानी पोर्ट्स शेयर के लिए 1944 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है।

बाजार में मचे भूचाल के बीच गौतम अडानी समूह की कंपनी अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) के शेयर भी शुक्रवार को बिकवाली मोड में नजर आए। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन ने ओवरवेट रेटिंग देते हुए इस शेयर पर कवरेज भी शुरू कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि भारत का बंदरगाह क्षेत्र संरचनात्मक विकास के अवसर प्रोवाइड करता है, जिन्हें निवेशक अभी तक पूरी तरह से नहीं समझ पाए हैं। जेपी मॉर्गन ने अडानी पोर्ट्स शेयर के लिए 1944 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है।
वर्तमान में क्या है कीमत?
अडानी पोर्ट्स के शेयर की वर्तमान कीमत करीब 2 फीसदी की गिरावट के साथ 1470 रुपये के स्तर पर है। शेयर के 52 हफ्ते का हाई 1,584 रुपये और 52 हफ्ते का लो 1,041.05 रुपये है। शेयर का हाई फरवरी 2026 में पहुंचा था। ब्रोकरेज जेपी मॉर्गन के अनुसार, भारत की सबसे बड़ी निजी बंदरगाह संचालक कंपनी अडानी पोर्ट्स की घरेलू बाजार में 27.4% हिस्सेदारी है। इसके वित्तीय वर्ष 2025-2028 के दौरान राजस्व, EBITDA और कर पश्चात लाभ में क्रमशः 17%, 15% और 16% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से वृद्धि होने का अनुमान है।
कंपनी का क्या है प्लान?
अडानी पोर्ट्स की बात करें तो 15 घरेलू बंदरगाहों का संचालन करती है जिनकी कुल वार्षिक क्षमता 650 मिलियन टन है और चार अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों का संचालन करती है। इसका लक्ष्य साल 2030 तक 1 बिलियन टन तक पहुंचना है। बंदरगाह संचालक की कंटेनर बाजार हिस्सेदारी दो दशक पहले लगभग शून्य से बढ़कर 45% हो गई है, जबकि EBITDA मार्जिन 60% और घरेलू मार्जिन 74% है। जेपी मॉर्गन ने शेयर का मूल्य वित्त वर्ष 2028 के अनुमानित EBITDA के 17 गुना पर आंका है। ब्रोकरेज ने अडानी पोर्ट्स के लिए वित्त वर्ष 2025-2028 के दौरान राजस्व, एबिट और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स सीएजीआर में क्रमशः 38%, 30% और 21% की वृद्धि का अनुमान लगाया है।
कंपनी के तिमाही नतीजे
अडानी पोर्ट्स ने हाल ही में चालू वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। इस तिमाही में कंपनी के मुनाफे में 21.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो कि उच्च आय के कारण बढ़कर 3,054 करोड़ रुपये हो गया। समूह की इस कंपनी ने बताया कि पिछले वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर अवधि में उसका मुनाफा 2,520 करोड़ रुपये था। आयतन के हिसाब से भारत की सबसे बड़ी निजी बंदरगाह संचालक कंपनी ने बताया कि समीक्षाधीन तिमाही में उसका मुनाफा 9,705 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के 7,964 करोड़ रुपये के राजस्व से लगभग 22 प्रतिशत अधिक है। वहीं, कंपनी ने श्रीधर कृष्ण मेनन को मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफआई) के रूप में नियुक्त किया है।
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