
महिलाओं, AI कौशल वालों के लिए रोजगार के मौके तेजी से बढ़े
पुरुषों के मुकाबले महिलाएं रोजगार के मामले में आगे हैं और इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। वहीं, एआई के क्षेत्र में तेजी से रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं, जिसमें वैश्विक स्तर पर भारतीयों की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 16 फीसदी पर पहुंच गई है।
रोजगार के लिहाज से भारत में कई क्षेत्रों में अहम बदलाव दिखाई दे रहे हैं। पुरुषों के मुकाबले महिलाएं रोजगार के मामले में आगे हैं और इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। वहीं, एआई के क्षेत्र में तेजी से रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं, जिसमें वैश्विक स्तर पर भारतीयों की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 16 फीसदी पर पहुंच गई है।
गुरुवार को वित्त मंत्रालय की तरफ से जारी अक्टूबर की मासिक आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट में कहा गया कि देश में रोजगार के लिहाज से काफी बड़ी संभावनाएं है। इंडिया स्किल रिपोर्ट-2026 का हवाला देते हुए कहा गया कि महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। यही कारण है कि कुल कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी 56.4 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो वर्ष 2020 में 46% थी। वहीं, पुरुषों की हिस्सेदारी करीब 52 % है।
स्थायी नौकरी को प्राथमिकता
रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय कंपनियां सबसे ज्यादा स्थायी नौकरियों को प्राथमिकता देती है। यही कारण है कि उनके कुल कार्यबल में करीब 72 प्रतिशत नौकरियां स्थायी हैं। वहीं, गिग और थर्ड पार्टी रोजगार 16 फीसदी तक पहुंच गया है, जिससे यह भी पता चलता है कि देश में लचीला यानी अनुबंध वाला रोजगार मॉडल भी तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2030 तक देश में अस्थायी श्रमबल (गिग वर्करों) की संख्या बढ़कर 2.35 करोड़ पहुंचने की उम्मीद है।
महिलाओं के लिए इसलिए बढ़े अवसर
इंडिया स्किल रिपोर्ट -2026 में कहा गया है कि रिमोट और हाइब्रिड कार्य मॉडल के बढ़ने से महिलाओं के सामने पारंपरिक बाधाएं कम हुई हैं, जिससे अधिक महिलाएं उच्च-मूल्य वाले डिजिटल क्षेत्रों में शामिल हो रही हैं और नेतृत्व कर रही हैं। महिलाएं डिजिटल उद्यमिता, डिजाइन, फिनटेक और नवाचार में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। हाइब्रिड वर्क मॉडल और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म औपचारिक क्षेत्रों में उनके लिए लचीली भागीदारी को संभव बना रहे हैं, जिसके कारण महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।
जीडीपी में तेजी के संकेत
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अर्थव्यवस्था में स्थिर और तेज विकास के संकेत दिखाई देते हैं। महंगाई दर के निचले स्तर पर पहुंचने और जीएसटी दरों में कटौती के बीच खपत में उछाल आया है। त्योहारी सीजन में वाहनों की खुदरा बिक्री में 21 प्रतिशत और यूपीआई लेनदेन में रिकॉर्ड 27 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ट्रैक्टरों की बिक्री भी बढ़ी।
रिपोर्ट की अन्य अहम बातें
● भारत के पास दुनिया के 16 फीसदी एआई टैलेंट का हिस्सा
● वर्ष 2027 तक देश में एआई कार्यबल 12.5 लाख होने की संभावना।
●अकाउंट, फाइनेंस 15, एजुकेशन 13 और बीपीओ क्षेत्र में नौकरियों के अवसर 6 फीसदी तक बढ़े।
एआई क्षेत्र में तेजी की उम्मीद
रिपोर्ट कहती है कि देश में कंपनियों द्वारा प्रतिभाशाली युवाओं को नियुक्ति की जा रही है। वर्ष 2025 में नए नियुक्तियों की दर 9.75 प्रतिशत है, जिसके वर्ष 2026 में 11 फीसदी होने की उम्मीद है। इसमें महिलाओं की भर्ती करीब 30 फीसदी तक बढ़ने की संभावना है। एआई और मशीन लर्निंग की योग्यता रखने वाले प्रतिभाशाली युवाओं के लिए अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं, जिनकी मांग में 55 फीसदी उछाल आने का अनुमान है। वहीं, बीते कुछ महीनों में आईटी क्षेत्र में नई नौकरियों की मांग धीमी रही है।





