
साइबर हमले के चलते JLR की बिक्री को झटका, टाटा मोटर्स के शेयर गिरे
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड के शेयरों में मंगलवार के शुरुआती कारोबार में लगभग 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट इसलिए आई, क्योंकि कंपनी ने जगुआर लैंड रोवर (JLR) की तीसरी तिमाही की बिक्री पर साइबर हमले और अमेरिकी आयात शुल्क के असर की जानकारी दी।
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड के शेयरों में मंगलवार के शुरुआती कारोबार में लगभग 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट इसलिए आई, क्योंकि कंपनी ने जगुआर लैंड रोवर (JLR) की तीसरी तिमाही की बिक्री पर साइबर हमले और अमेरिकी आयात शुल्क के असर की जानकारी दी।
टाटा मोटर्स पीवी का शेयर दिन के दौरान 3.62 प्रतिशत गिरकर 360 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गया, जो नवंबर 2025 के बाद से सबसे बड़ी इंट्राडे गिरावट थी। बाद में थोड़ी रिकवरी हुई और शेयर 2.4 प्रतिशत की कमी के साथ 364.3 रुपये पर कारोबार करने लगा। वहीं, निफ्टी 50 में केवल 0.24 प्रतिशत की गिरावट थी। कंपनी के शेयरों ने लगातार पांच दिनों की बढ़त के बाद यह गिरावट दर्ज की है।
जेएलआर की बिक्री पर साइबर हमले का असर
टाटा मोटर्स पीवी ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि नवंबर में हुए साइबर हमले के कारण जेएलआर की थोक और खुदरा बिक्री की मात्रा पिछले साल और पिछली तिमाही दोनों की तुलना में घटी है। साथ ही, नई जैगुआर मॉडल लॉन्च होने से पहले पुराने मॉडल बंद होने और अमेरिका के बढ़े आयात शुल्क का भी बिक्री पर असर पड़ा।
जेएलआर की थोक बिक्री भी घटी
दिसंबर तिमाही में जेएलआर की थोक बिक्री (चीन ज्वाइंट वेंचर को छोड़कर) 59,200 यूनिट रही, जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 43.3 प्रतिशत और पिछली तिमाही के मुकाबले 10.6 प्रतिशत कम है। पिछले साल के मुकाबले उत्तरी अमेरिका में बिक्री 64.4 प्रतिशत, यूरोप में 47.6 प्रतिशत, चीन में 46.0 प्रतिशत और यूके में 0.9 प्रतिशत गिरी।
टाटा मोटर्स पीवी की तीसरी तिमाही की बिक्री
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने इसी महीने दिसंबर 2025 की अपनी बिक्री संख्या जारी की थी। कंपनी की कुल बिक्री दिसंबर 2024 के मुकाबले 14.1 प्रतिशत बढ़कर 50,519 यूनिट हो गई। घरेलू बाजार में यह बढ़ोतरी 13.1 प्रतिशत रही। इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में 24.2 प्रतिशत का उछाल आया। पूरी तीसरी तिमाही (FY26) में कंपनी की कुल बिक्री 1,71,013 यूनिट रही, जो पिछले साल की समान तिमाही से अधिक है।





