IPO से पहले Jio का बड़ा फैसला, दांव लगाने से पहले निवेशकों को जानना जरूरी
मुख्य बातें
- जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने प्रस्तावित आईपीओ से पहले मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव किया है
- आईपीओ के जरिए कंपनी करीब चार अरब डॉलर (लगभग 37,700 करोड़ रुपये) जुटाने की योजना बना रही है

Jio Platforms IPO: मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का इंतजार कर रहे हैं तो ये खबर आपके काम की हो सकती है। दरअसल, जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) से पहले मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने किरण थॉमस की जगह पंकज पवार को मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बनाया है। बता दें कि पवार रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक भी हैं। 53 वर्षीय पंकज मोहन पवार की बात करें तो वह 2000 से रिलायंस ग्रुप से जुड़े हुए हैं और उन्हें बड़े उपभोक्ता के अलावा डिजिटल सेवा व्यापार को खड़ा करने और बढ़ाने का लगभग तीन दशक का अनुभव है।
मैनेजमेंट में कौन-कौन?
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी जियो प्लेटफॉर्म्स के निदेशक मंडल में चेयरमैन और गैर-कार्यकारी निदेशक के तौर पर शामिल हैं। मनोज हरजीवनदास मोदी जियो प्लेटफॉर्म्स के गैर-कार्यकारी निदेशक और आकाश अंबानी प्रबंध निदेशक हैं। उनके भाई-बहन, ईशा और अनंत, गैर-कार्यकारी निदेशक के तौर पर बोर्ड में शामिल हैं।
आईपीओ पर क्या है प्लान?
जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने आईपीओ के जरिए कंपनी करीब चार अरब डॉलर (लगभग 37,700 करोड़ रुपये) जुटाने की योजना बना रही है जिससे इसका मूल्यांकन लगभग 137 अरब डॉलर आंका गया है। बाजार नियामक सेबी के समक्ष दाखिल मसौदा दस्तावेज के मुताबिक, कंपनी 10 रुपये अंकित मूल्य वाले अधिकतम 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी, जो इश्यू के बाद की चुकता इक्विटी पूंजी का लगभग 2.9 प्रतिशत होगा।
क्या होगा पैसे का?
कंपनी ने बताया कि इश्यू से प्राप्त राशि का उपयोग मुख्य रूप से उसकी दूरसंचार इकाई के कर्ज के आंशिक या पूरा भुगतान और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। मार्च 2026 तक कंपनी पर कुल 71,529 करोड़ रुपये का बकाया कर्ज था। आईपीओ से जुटाई जाने वाली राशि में से करीब 27,500 करोड़ रुपये का उपयोग रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के कर्ज चुकाने या पूर्व-भुगतान के लिए किया जाएगा।
इस आईपीओ को निवेशकों का साथ मिलने की स्थिति में यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है। इससे पहले 2024 में हुंडई मोटर इंडिया का 27,870 करोड़ रुपये का आईपीओ आया था। वहीं, देश के सबसे बड़े शेयर बाजार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने भी हाल में सेबी के समक्ष 3.3 अरब डॉलर के आईपीओ की मंजूरी के लिए मसौदा दस्तावेज दाखिल किया है।
बता दें कि वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का राजस्व 1.47 लाख करोड़ रुपये और मुनाफा लगभग 30,000 करोड़ रुपये रहा। इसी अवधि में इसके ग्राहकों की संख्या 52.44 करोड़ रही, जिनमें से 26.85 करोड़ यूजर्स 5जी नेटवर्क से जुड़े हैं।
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Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
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