आ रहा है इस साल का सबसे बड़ा IPO, मुकेश अंबानी बेचेंगे 2.5% हिस्सेदारी
मौजूदा आकलन के अनुसार जियो की वैल्यूएशन करीब 180 अरब डॉलर बताई जा रही है, ऐसे में 2.5% हिस्सेदारी बेचने से लगभग 4 से 4.5 अरब डॉलर (करीब 35-37 हजार करोड़ रुपये) जुटाए जा सकते हैं। यह आंकड़ा पिछले साल आए हुंडई मोटर इंडिया के 3.3 अरब डॉलर के आईपीओ से भी बड़ा होगा।
Jio IPO: रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स इस साल अपना बहुप्रतीक्षित आईपीओ (IPO) लाने की तैयारी में है। अगर यह योजना पूरी होती है, तो यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है। खबरों के मुताबिक, कंपनी अपनी कुल हिस्सेदारी का सिर्फ 2.5% शेयर बाजार में उतारने पर विचार कर रही है। मौजूदा आकलन के अनुसार जियो की वैल्यूएशन करीब 180 अरब डॉलर बताई जा रही है, ऐसे में 2.5% हिस्सेदारी बेचने से लगभग 4 से 4.5 अरब डॉलर (करीब 35-37 हजार करोड़ रुपये) जुटाए जा सकते हैं। यह आंकड़ा पिछले साल आए हुंडई मोटर इंडिया के 3.3 अरब डॉलर के आईपीओ से भी बड़ा होगा।
भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी
रिलायंस जियो, मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनी है और यह भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी मानी जाती है, जिसके 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं। पिछले छह सालों में जियो ने सिर्फ मोबाइल नेटवर्क तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल सर्विसेज और टेक्नोलॉजी के कई नए क्षेत्रों में कदम रखा है। इसी दौरान KKR, सिल्वर लेक, जनरल अटलांटिक और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसे बड़े विदेशी निवेशकों ने इसमें पैसा लगाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ बैंकर जियो की वैल्यूएशन 200 से 240 अरब डॉलर तक भी मान रहे हैं, हालांकि कंपनी ने अभी कोई अंतिम आंकड़ा तय नहीं किया है।
2.5% शेयर लिस्ट करना चाहती है कंपनी
कंपनी सिर्फ 2.5% शेयर इसलिए लिस्ट करना चाहती है क्योंकि जियो का आकार बहुत बड़ा है और कम हिस्सेदारी बेचने से शेयर की कीमत को लेकर ज्यादा उत्साह और मांग बन सकती है। हालांकि, इसके लिए एक नियम में बदलाव जरूरी है। अभी भारत में बड़े आईपीओ के लिए कम से कम 5% शेयर पब्लिक को ऑफर करना होता है, लेकिन सेबी इस सीमा को घटाकर 2.5% करने का प्रस्ताव दे चुकी है, जिसे अभी वित्त मंत्रालय की मंजूरी मिलनी बाकी है। यह भी साफ नहीं है कि यह आईपीओ ऑफर फॉर सेल होगा या कंपनी नए शेयर जारी करके फंड जुटाएगी।
आईपीओ बाजार काफी मजबूत
जियो का आईपीओ ऐसे समय में आने की उम्मीद है जब भारत का आईपीओ बाजार काफी मजबूत चल रहा है। 2025 में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा प्राइमरी इक्विटी मार्केट रहा था। वहीं, आने वाले महीनों में जियो की टक्कर एलन मस्क की स्टारलिंक सर्विस से भी मानी जा रही है, जो भारत में एंट्री की तैयारी में है। जियो ने एनवीडिया के साथ मिलकर एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी काम शुरू किया है। खबर है कि मॉर्गन स्टेनली और कोटक महिंद्रा बैंक आईपीओ के दस्तावेज तैयार करने में जुटे हुए हैं और जियो की लिस्टिंग 2026 की पहली छमाही में हो सकती है, जो बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगी।

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Varsha Pathakवर्षा पाठक लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं और पिछले 4 सालों से इस संस्थान से जुड़ी हुई हैं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें लगभग 8 साल का अनुभव है। उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया है। बिहार की रहने वाली वर्षा वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के बिजनेस सेक्शन के लिए खबरें लिखती हैं। उन्हें स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, यूटिलिटी, टैक्स, बजट, एक्सप्लेनर, इंटरव्यूज और कॉरपोरेट सेक्टर से जुड़ी खबरों की समझ है। जटिल आर्थिक विषयों को सरल, तथ्यात्मक और पाठकों के लिए उपयोगी भाषा में प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की विशेषता है। हिन्दुस्तान से पहले वर्षा दैनिक भास्कर (प्रिंट), मनी भास्कर और नेटवर्क18 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुकी हैं। उन्हें फील्ड रिपोर्टिंग का अनुभव भी है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्षा को मनी भास्कर में सबसे अधिक UVs-PVs का पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा, लाइव हिन्दुस्तान में भी वर्षा का टॉप परफॉर्मेंस रहा है और इसके लिए पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
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