जेफरीज ने कहा, ‘ वोडाफोन आइडिया का शेयर खरीदो, ₹20 पर जाएगा भाव’
मुख्य बातें
- जेफरीज ने स्टॉक पर 20 रुपये का टार्गेट प्राइस तय किया है, जो मौजूदा स्तरों से 30% की तेजी की संभावना दर्शाता है
- ब्रोकरेज को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2030 के बाद नेटवर्क रोलआउट सामान्य होने पर मार्जिन 60% से ऊपर सुधरेगा

पिछले एक साल में वोडाफोन आइडिया का शेयर 7.32 रुपये से 15.50 रुपये के पार चला गया है। एक साल में अबतक इसने 111 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। इस बीच नई खबर यह है कि ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने इस टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर पर कवरेज शुरू की है और इसे भारतीय टेलीकॉम क्षेत्र में एक "हाई-बीटा टर्नअराउंड अपॉर्च्युनिटी" बताया है।
जेफरीज का टार्गेट और रेटिंग
ब्रोकरेज ने स्टॉक पर 20 रुपये का टार्गेट प्राइस तय किया है, जो मौजूदा स्तरों से 30% की तेजी की संभावना दर्शाता है और यह उन 22 विश्लेषकों में सबसे ऊंचा है, जो इस स्टॉक को कवर करते हैं। यह वोडाफोन आइडिया पर केवल चौथी "बाय" सिफारिश भी है, जहां अधिकांश एनालिस्ट्स की रेटिंग "सेल" है।
Vi पर क्यों फिदा है जेफरीज?
जेफरीज को उम्मीद है कि सब्सक्राइबर स्टेब्लाइजेशन वित्त वर्ष 2026 से 2029 के बीच वोडाफोन आइडिया के रेवेन्यू को 11% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ाने में सहायता करेगा। इसके साथ मजबूत ऑपरेटिंग लीवरेज से इसी अवधि में 25% की कैश EBITDA वृद्धि दर और वित्त वर्ष 2031 तक इसके रिटर्न ऑन इन्वेस्टेड कैपिटल में तेज सुधार में मदद मिलेगी।
मार्जिन में सुधार की संभावना: जेफरीज की रिपोर्ट के अनुसार, वोडाफोन आइडिया को वित्त वर्ष 2026-2029 की अवधि में लगभग 50% का अतिरिक्त EBITDA मार्जिन हासिल करना चाहिए, जो टेलीकॉम कंपनियों के 60% से अधिक मार्जिन से कम है, क्योंकि इस दौरान नेटवर्क रोलआउट तेज रहेगा। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2030 के बाद नेटवर्क रोलआउट सामान्य होने पर मार्जिन 60% से ऊपर सुधरेगा।
कर्ज और इक्विटी की जरूरत: वोडाफोन आइडिया के लिए 25,000 करोड़ रुपये का कर्ज जुटाना अगले दो साल के लिए पर्याप्त होगा, लेकिन वित्त वर्ष 2030 में इसे 16,000 करोड़ रुपये के नए इक्विटी इन्फ्यूजन की जरूरत होगी, जिससे सरकार द्वारा 15,300 करोड़ रुपये की स्पेक्ट्रम देनदारियों का इक्विटी में बदलाना भी शुरू होगा। जेफरीज का मानना है कि यह वित्त वर्ष 2030-2034 के दौरान कैशफ्लो की कमी को पूरा करने के लिए पर्याप्त होना चाहिए।
इक्विटी जुटाने में आसानी: जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि कंपनी ने 2019 से अब तक 44,700 करोड़ रुपये की इक्विटी जुटाई है, ऐसे में बेहतर होते ऑपरेटिंग कैश फ्लो और सरकार के निरंतर समर्थन के बीच अतिरिक्त 16,000 करोड़ रुपये जुटाना मुश्किल नहीं होगा।
टैरिफ में इजाफे का असर
हालांकि, वोडाफोन आइडिया टैरिफ में इजाफे का सबसे अधिक लाभ उठाने वाला और सबसे अधिक लीवरेज्ड कंपनी है, जेफरीज का मानना है कि टैरिफ में हर 10% की वृद्धि से टेलीकॉम कंपनी के इक्विटी मूल्य में लगभग 34% की तेजी आएगी। ब्रोकरेज ने अपने निवेश थीसिस के लिए क्रियान्वयन और फंडिंग जोखिमों को कुछ बाधाओं के रूप में उल्लेख किया है।
विश्लेषकों की राय: 22 में से 10 विश्लेषकों की वोडाफोन आइडिया पर अभी भी "सेल" रेटिंग है, जबकि आठ की "होल्ड" रेटिंग है। टार्गेट प्राइसों का आम सहमति अनुमान 20% की गिरावट की संभावना दर्शाता है।
(डिस्क्लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)


