Hindi Newsबिज़नेस न्यूज़Jaypee Infratech Ltd Share delisted soon after Suraksha Realty takeover what to do shareholders

बिक गई कर्ज में डूबी यह कंपनी, अब सभी इंडेक्स से हटाए जाएंगे शेयर, शेयरहोल्डर्स का क्या होगा?

  • Jaypee Infratech Ltd Share: संकट में फंसी कंपनी जेपी इंफ्राटेक को सुरक्षा रियल्टी ने टेकओवर कर दिया है।

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Varsha Pathak नई दिल्ली, हिन्दुस्तान संवाददाताThu, 13 June 2024 12:29 PM
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Jaypee Infratech Ltd Share: संकट में फंसी कंपनी जेपी इंफ्राटेक को सुरक्षा रियल्टी ने टेकओवर कर दिया है। सुरक्षा समूह ने जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड को दिवाला प्रक्रिया के जरिए अधिग्रहित किया है। शेयर बाजार को दी जानकारी के अनुसार, समूह ने देवांग प्रवीण पटेल को अपना मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) नियुक्त किया है। पटेल ने आठ जून 2024 से पदभार संभाल लिया। इस बीच, अब शेयर बाजार से जेपी इंफ्राटेक के शेयर डिलिस्ट किए जाएंगे। बता दें कि कंपनी के शेयरों की फिलहाल ट्रेडिंग बंद है और इसका अंतिम शेयर प्राइस 1.27 रुपये था।

क्या है डिटेल

सुरक्षा समूह ने पिछले महीने अपीलीय न्यायाधिकरण एनसीएलएटी से मंजूरी के बाद जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड (जेआईएल) का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया है। वह अब जेआईएल को स्टॉक एक्सचेंज से हटाएगी। निदेशक मंडल ने उन शेयरधारकों के नाम निर्धारित करने के लिए रिकॉर्ड डेट के रूप में 21 जून 2024 तय की है, जिन्हें कंपनी के जारी इक्विटी शेयरों का हटाने और बाद में समाप्ति के उद्देश्य से निकास मूल्य का भुगतान किया जाएगा। हालांकि, अनुमोदित समाधान योजना के अनुसार सुरक्षा समूह (सफल समाधान आवेदक) को जारी किए गए शेयर निष्क्रिय नहीं होंगे। सुरक्षा समूह ने जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड में 125 करोड़ रुपये की इक्विटी पूंजी भी डाली है।

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क्या है डिटेल

राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय अधिकरण (एनसीएलएटी) ने 24 मई को जेपी इन्फ्राटेक लिमिटेड (जेआईएल) का अधिग्रहण करने के लिए सुरक्षा रियल्टी की तरफ से लगाई बोली को बरकरार रखा था। इसके साथ ही इसे किसानों को मुआवजे के रूप में यमुना यीडा को 1,334 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्देश भी दिया था। इसके पहले मार्च 2023 में राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने दिवाला प्रक्रिया पर मुहर लगाई थी। एनसीएलटी ने जेआईएल को खरीदने के लिए सुरक्षा समूह की तरफ से लगाई बोली को मंजूरी दे दी थी। यीडा सहित कई पक्षों ने एनसीएलटी के आदेश को चुनौती देते हुए एनसीएलएटी में याचिका दायर की थी। यीडा ने किसानों के मुआवजे के रूप में लगभग 1,700 करोड़ रुपये का दावा किया था।

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