जापान की कंपनी ने Ola में बेचे 9 करोड़ से ज्यादा शेयर, निवेशकों में हड़कंप, 40 रुपये पर है भाव
ओला ने बताया कि SVF II ऑस्ट्रिच (डीई) LLC ने तीन सितंबर 2025 और पांच जनवरी 2026 के बीच कई चरणों में ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के 9 करोड़ से ज्यादा शेयर बेचे हैं। शुक्रवार को ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के शेयर की बात करें तो 2.42% टूटकर 39.49 रुपये पर बंद हुआ।
Ola electric share price: जापान की मल्टीनेशनल इन्वेस्टमेंट कंपनी सॉफ्टबैंक ने अपनी निवेश कंपनी SVF II ऑस्ट्रिच (डीई) LLC के जरिये ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में 2.15 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी है। ओला ने बीएसई को दी सूचना में बताया कि SVF II ऑस्ट्रिच (डीई) LLC ने तीन सितंबर 2025 और पांच जनवरी 2026 के बीच कई चरणों में ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के कुल 94,628,299 शेयर बेचे हैं। पांच जनवरी 2026 को हुई बिक्री सेबी (भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड) के नियमों के तहत निर्धारित दो प्रतिशत की सीमा का उल्लंघन करती है। इस ट्रांजैक्शन के बाद ओला इलेक्ट्रिक में SVF II ऑस्ट्रिच(डीई) LLC की हिस्सेदारी पहले के 15.68 प्रतिशत से घटकर 13.53 प्रतिशत हो गई है। SVF II ऑस्ट्रिच (डीई) LLC ने पिछले साल भी 15 जुलाई 2025 और दो सितंबर 2025 के बीच कई चरणों में ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के कुल 94,943,459 शेयर बेचे थे। इससे कंपनी में उसकी हिस्सेदारी 17.83 प्रतिशत से घटकर 15.68 प्रतिशत रह गई थी।
ओला के शेयर का हाल?
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के शेयर की बात करें तो 2.42% टूटकर 39.49 रुपये पर बंद हुआ। यह शेयर ट्रेडिंग के दौरान 41 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। शेयर के 52 हफ्ते का हाई 80.75 रुपये है। यह शेयर 30.79 रुपये के निचले स्तर पर आ गया। यह शेयर के 52 हफ्ते का लो है।
दिसंबर में 9020 इलेक्ट्रिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन
ओला इलेक्ट्रिक ने कहा कि दिसंबर में उसके 9020 इलेक्ट्रिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ जिससे उसकी बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 9.3 प्रतिशत हो गई। वाहनों के रजिस्ट्रेशन का यह आंकड़ा सरकारी पोर्टल 'वाहन' के डेटा पर आधारित है।कंपनी की बाजार हिस्सेदारी दिसंबर 2025 में औसतन 9.3 प्रतिशत रही, जबकि महीने के दूसरे पखवाड़े में यह बढ़कर लगभग 12 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो मांग में तेज सुधार को दर्शाता है। ओला इलेक्ट्रिक ने इस बढ़त का श्रेय अपने सेवा सुधार कार्यक्रम को देते हुए कहा कि ‘हाइपरसर्विस’ कार्यक्रम का उद्देश्य सेवा ढांचे को मजबूत करना है। इसके तहत लंबित मामलों के निपटान, कार्यबल क्षमता बढ़ाने, स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता और ग्राहक स्वयं-सेवा जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है।





