31 जुलाई से आगे बढ़ेगी ITR फाइलिंग की डेडलाइन! जान लें क्या है कारण
मुख्य बातें
- ITR Filing Deadline: इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई पास आने लगी है
- अब तक केवल करीब 1.97 करोड़ इनकम टैक्स रिटर्न ही फाइल हुए हैं
- जबकि, बीते 2 सालों में यह आंकड़ा 7 करोड़ से ज्यादा रहा है
ITR Filing Deadline: इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई पास आने लगी है। अब तक केवल करीब 1.97 करोड़ इनकम टैक्स रिटर्न ही फाइल हुए हैं। जबकि, बीते 2 सालों में यह आंकड़ा 7 करोड़ से ज्यादा रहा है। आईटीआर फाइल करने में हो रही देरी की वजह से कई लोग उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार इस बार भी डेडलाइन 31 जुलाई से आगे बढ़ा सकती है। लेकिन क्या ऐसा होगा?
क्या आईटीआर फाइल करने की डेडलाइन आगे बढ़ेगी?
पिछले साल सरकार ने ITR फॉर्म और फाइलिंग यूटिलिटी जारी होने में देरी के कारण आखिरी तारीख बढ़ाई थी। लेकिन इस बार स्थिति अलग है। ज्यादातर ITR फॉर्म, ऑनलाइन यूटिलिटी और प्री-फिल्ड डेटा पहले वेबसाइट पर आ गए हैं। ज्यादातर चार्टेंड अकाउंटेंड और टैक्स एक्सपर्ट का मानना है कि फिलहाल डेडलाइन बढ़ाने की कोई बड़ा कारण नहीं दिख रहा है। अगर कोई बड़ी तकनीकी परेशानी या पोर्टल में खराबी नहीं आती तो डेडलाइन आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।
डेडलाइन मिस करने पर क्या होगा?
अगर आप 31 जुलाई तक ITR दाखिल नहीं करते हैं और समय सीमा नहीं बढ़ती, तो कई नुकसान हो सकते हैं।
देर से रिटर्न भरने पर सेक्शन 234F के तहत लेट फीस लग सकती है।
बकाया टैक्स पर ब्याज देना पड़ सकता है।
कुछ मामलों में कैपिटल लॉस या बिजनेस लॉस को अगले साल कैरी फॉरवर्ड करने का फायदा भी नहीं मिलेगा।
रिफंड मिलने में भी देरी हो सकती है।
जल्दी ITR भरने के फायदे
टैक्स रिफंड जल्दी मिलता है।
अगर रिटर्न में कोई गलती हो तो उसे समय रहते सुधारा जा सकता है।
आखिरी दिनों में पोर्टल पर बढ़ने वाली भीड़ और तकनीकी समस्याओं से बचा जा सकता है।
विभाग से नोटिस आने की संभावना भी कम रहती है क्योंकि फॉर्म 26AS, AIS और TIS का मिलान पहले ही किया जा सकता है।
ITR भरने से पहले ये डॉक्यूमेंट तैयार रखें
फॉर्म 16
फॉर्म 26AS
सालाना इंफरमेंशन स्टेटमेंट (AIS)
टैक्सपेयर इंफरमेंशन समरी (TIS)
बैंक इंटरेस्ट सर्टिफिकेट
कैपिटल गेन स्टेटमेंट
इनकम से जुड़े अन्य डॉक्यूमेंट
इन डॉक्यूमेंट्स का मिलान करने के बाद ही रिटर्न दाखिल करें, ताकि बाद में किसी तरह की गलती या नोटिस का सामना न करना पड़े।
क्या करें टैक्सपेयर्स?
टैक्सपेयर्स का कहना है कि डेडलाइन बढ़ने की उम्मीद में देरी न करें। इस साल फाइलिंग प्रोसेस पहले के मुकाबले काफी आसान है। सभी जरूरी फॉर्म वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। इसलिए समय रहते अपना आईटीआर फाइल कर दें। इससे न सिर्फ लेट फीस और ब्याज से बचेंगे, बल्कि रिफंड भी जल्दी मिलेगा। आखिरी समय में वेबसाइट पर ज्यादा लोड होने, देरी होने और डॉक्यूमेंट्स जुटाने की भागदौड़ से भी राहत मिलेगी।


