31 जुलाई चूके तो हो जाएगा भारी नुकसान! 5 गलतियों पर लगेगा जुर्माना, आ सकता है टैक्स नोटिस
मुख्य बातें
- ITR Filing Deadline 2026: अगर आपने अभी तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) दाखिल नहीं किया है, तो अब और इंतजार करना महंगा पड़ सकता है
- 31 जुलाई 2026 आईटीआर फाइल करने की आखिरी तारीख है

ITR Filing Deadline 2026: अगर आपने अभी तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) दाखिल नहीं किया है, तो अब और इंतजार करना महंगा पड़ सकता है। 31 जुलाई 2026 आईटीआर फाइल करने की आखिरी तारीख है। अब रिटर्न फाइल करने के लिए 5 दिन का समय बचा है। इसके बाद रिटर्न दाखिल करने पर न सिर्फ जुर्माना देना पड़ सकता है, बल्कि टैक्स नोटिस, रिफंड में देरी और दूसरी परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकता है। इनकम टैक्स विभाग लगातार लोगों से समय रहते आईटीआर फाइल करने की अपील कर रहा है। विभाग के मुताबिक असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए अब तक 3 करोड़ से ज्यादा आईटीआर दाखिल किए जा चुके हैं। सिर्फ एक दिन में 15 लाख से ज्यादा लोगों ने रिटर्न फाइल किया है।
इन 5 गलतियों पर लग सकता है जुर्माना
1. समय पर आईटीआर फाइल नहीं किया
अगर आप 31 जुलाई के बाद आईटीआर दाखिल करते हैं, तो इनकम टैक्स अधिनियम की धारा 234F के तहत अधिकतम 5,000 रुपये तक की लेट फीस देनी पड़ सकती है। हालांकि, यदि आपकी कुल इनकम 5 लाख रुपये तक है तो जुर्माना 1,000 रुपये तक सीमित रहेगा।
2. रिवाइज रिटर्न भी देर से दाखिल किया
अगर रिटर्न में गलती सुधारने के लिए संशोधित रिटर्न भी तय समय के बाद दाखिल किया जाता है, तो धारा 234-I के तहत 1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक का चार्ज लग सकता है।
3. इनकम छिपाई या गलत जानकारी दी
अगर जांच में पता चलता है कि आपने अपनी इनकम कम दिखाई है या गलत जानकारी दी है, तो धारा 270A के तहत देय टैक्स का 50 फीसदी से लेकर 200 फीसदी तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
4. 2 लाख रुपये या उससे ज्यादा कैश लिया
अगर नियमों का उल्लंघन करते हुए 2 लाख रुपये या उससे अधिक का कैश अमाउंट लिया है। तो धारा 269ST और 271DA के तहत जितनी रकम ली गई है, उतने ही रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।
5. सेल्फ असेसमेंट टैक्स जमा नहीं किया
अगर रिटर्न भरते समय देय सेल्फ असेसमेंट टैक्स नहीं चुकाया गया, तो धारा 140A और 221 के तहत बकाया टैक्स के बराबर तक जुर्माना लगाया जा सकता है। आखिरी समय में वेबसाइट पर ज्यादा ट्रैफिक होने से तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं। इसलिए समय रहते आईटीआर फाइल करें, सभी जानकारी ध्यान से जांच लें और रिटर्न का ई-वेरिफिकेशन भी जरूर पूरा करें। इससे जुर्माने, नोटिस और रिफंड में देरी जैसी परेशानियों से बचा जा सकता है।


