ITR 2025: सहज या सुगम, आपके लिए कौन सा इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म सही है?
मुख्य बातें
- ITR-1 (सहज) और ITR-4 (सुगम) के लिए एक्सेल यूटिलिटीज लॉन्च हो गई है
- लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये कि आपके लिए कौन सा ITR फॉर्म सही है? चलिए इसे ऐसे समझते हैं…
पिछले दिनों इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने आईटीआर फाइल करने की डेडलाइन 15 सितंबर तक बढ़ा कर सभी टैक्सपेयर्स को एक तोहफा दिया। यानी आपको अतिरिक्त 45 दिन मिल गए। इधर CBDT, जो टैक्स नियम बनाती है, ने चुपके से दो सुपरहीरो टूल लॉन्च किए हैं। ITR-1 (सहज) और ITR-4 (सुगम) के लिए एक्सेल यूटिलिटीज। मतलब अब आप ऑफलाइन फॉर्म भरकर अपलोड कर सकते हैं। गलतियां कम होंगी, सिरदर्द भी कम।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये कि आपके लिए कौन सा ITR फॉर्म सही है?" चलिए इसे ऐसे समझते हैं...
1. ITR-1 (सहज): सीए अभिनंदन पांडेय ने बताया कि ये उनके लिए है, जिनकी सालाना आय ₹50 लाख से कम हो और कमाई सिर्फ इन जगहों से आती हो...
- नौकरी या पेंशन
- एक घर का किराया
- बैंक एफडी/बचत खाते का ब्याज
- कृषि आय (₹5000 तक)
(यानी सैलरी वाले लोगों का फेवरेट फॉर्म)
2. ITR-2: सीए अजय बगड़िया कहते हैं कि ये उनके लिए है, जो ITR-1 तो भर नहीं सकते, लेकिन उनका कोई बिजनेस/प्रोफेशन नहीं है। जैसे...
- जिनके पास एक से ज्यादा प्रॉपर्टीज हों।
- जिन्होंने शेयर/म्यूचुअल फंड्स में निवेश किया हो।
- विदेश से आमदनी हो।
(ये थोड़ा 'एडवांस्ड' कैटेगरी है)
3. ITR-3: सीए अभिनंदन पांडेय के मतुाबिक ये पूरी तरह बिजनेस वालों के लिए है। जो...
- दुकान, कंसल्टेंसी या फ्रीलांसिंग करते हों।
- जिन्हें बहीखाता (अकाउंट्स) रखना पड़ता हो।
- पार्टनरशिप फर्म से इनकम आती हो।
(इसमें कैलकुलेशन ज्यादा टफ होता है)
4. ITR-4 (सुगम): सीए संतोष मिश्र के मुताबिक ये छोटे दुकानदारों/प्रोफेशनल्स का गेम-चेंजर है। सरकार ने खासतौर पर इनके लिए बनाया है ताकि काम आसान रहे। जैसे...
- सालाना आय ₹50 लाख से कम
- बिजनेस प्रेजम्प्टिव टैक्स (बिना बहीखाता) से चलता हो
- डॉक्टर, इंजीनियर, ट्रक मालिक या छोटे बिजनेस वाले इसका फायदा उठा सकते हैं।
गलत ITR फॉर्म भरने पर क्या होगा
सीए अजय बगड़िया का कहना है कि गलत फॉर्म भरने पर इनकम टैक्स वाले आपको नोटिस भेज सकते हैं। अगर आप सिर्फ सैलरी लेते हैं तो ITR-3 में ना फंस जाएं। प्रेजम्प्टिव टैक्स वाले बिजनेसमैन ITR-4 (सुगम) से चिपके रहें।
लेखक के बारे में
Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


