रेंग रहे TCS समेत आईटी कंपनियों के शेयर, निवेशकों के लिए दांव लगाना सही या नहीं?
बीते शुक्रवार को बाजार में बड़ी गिरावट के बीच सबसे बड़ा नुकसान आईटी कंपनियों के शेयर पर दांव लगाने वाले निवेशकों को हुआ है। आईटी कंपनियों में टीसीएस के शेयर लगातार तीन दिन से गिर रहे हैं। यही हाल, दूसरी आईटी कंपनियों का भी है।

बीते शुक्रवार को बाजार में बड़ी गिरावट के बीच सबसे बड़ा नुकसान आईटी कंपनियों के शेयर पर दांव लगाने वाले निवेशकों को हुआ है। आईटी कंपनियों में टीसीएस के शेयर लगातार तीन दिन से गिर रहे हैं। पिछले तीन कारोबारी दिन में टीसीएस के शेयर की कीमत एनएसई पर ₹2,984.60 प्रति शेयर से गिरकर ₹2,695 प्रति शेयर हो गई है। इस लिहाज से सिर्फ तीन दिनों में टीसीएस के शेयर में लगभग 10% की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के चलते टीसीएस का मार्केट कैप एसबीआई से भी नीचे आ गया। वहीं, इंफोसिस के शेयर एनएसई पर ₹1,497.80 प्रति शेयर से गिरकर ₹1,369 प्रति शेयर पर आ गए। इंफोसिस के शेयर लगातार तीन सत्रों में 8.50% से अधिक टूट गए। इसी तरह, विप्रो के शेयर की कीमत एनएसई पर ₹231.47 से गिरकर ₹214.38 प्रति शेयर हो गई, जिससे पिछले तीन सत्रों में लगभग 7.50% की गिरावट दर्ज की गई।
इसके अलावा, बिरलासॉफ्ट, फर्स्टसोर्स सॉल्यूशंस लिमिटेड (एफएसएल), साइएंट, कोफोर्ज, हैपिएस्ट माइंड्स, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और अन्य प्रमुख भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों में भी बड़ी गिरावट आई।
क्या है गिरावट की वजह
दरअसल, एआई के डर से अमेरिका के नैस्डैक में सूचीबद्ध एनवीडिया, एप्पल, अल्फाबेट, मेटा और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली दर्ज की गई। इस वजह से भारतीय आईटी शेयरों में भी बड़ी गिरावट आई। शेयर बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, बहुत कुछ नैस्डैक में सूचीबद्ध अमेरिकी तकनीकी शेयरों में होने वाली रिकवरी पर निर्भर करेगा। हालांकि, यदि रिकवरी हाल के सत्रों में हुए नुकसान से कम रहती है तो इसका मतलब अमेरिकी और भारतीय दोनों बाजारों में आईटी शेयरों के लिए और अधिक नुकसान होगा।
क्या कहा एक्सपर्ट ने?
पेस 360 के मुख्य वैश्विक रणनीतिकार अमित गोयल का मानना है कि भारतीय निवेशकों को नैस्डैक सूचकांक के प्रदर्शन पर नजर रखनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बाजार में आई तेजी मजबूत होनी चाहिए। अमित गोयल ने कहा कि अगर नैस्डैक इंडेक्स पिछले हफ्ते के नुकसान की भरपाई करने में नाकाम रहता है, तो नैस्डैक और अन्य अमेरिकी शेयर सूचकांकों में और गिरावट से अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मंदी का डर फिर से पैदा हो सकता है।
भारतीय आईटी शेयरों के लिए क्या?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा कि भारतीय बाजार के लिए एआई शेयरों में यह गिरावट सकारात्मक है क्योंकि पिछले साल की वैश्विक तेजी मुख्य रूप से एआई शेयरों पर आधारित थी। इसलिए, अगर एआई शेयरों में गिरावट जारी रहती है तो यह भारतीय दृष्टिकोण से सकारात्मक है। हालांकि, भारतीय बाजार को अभी जो बात हिला रही है वह आईटी शेयरों में भारी बिकवाली है। केसी सिक्योरिटीज के रिसर्च उपाध्यक्ष महेश एम. ओझा ने निवेशकों को शीर्ष भारतीय आईटी कंपनियों में निवेश शुरू करने की सलाह देते हुए कहा कि शीर्ष पांच भारतीय आईटी शेयर - टीसीएस, विप्रो, इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टेक महिंद्रा -आकर्षक प्राइस पर ट्रेड कर रहे हैं। ऐसे में दांव लगाया जा सकता है।





