दुनिया के दो बड़े देश में छिड़ी जंग, सोमवार को शेयर बाजार में हाहाकार का डर
अमेरिका और इजराइल ने शनिवार को ईरान पर हमले शुरू किए। तनाव वाले माहौल में अब सोमवार को भारतीय शेयर बाजर पर दबाव पड़ने की आशंका है। बता दें कि शुक्रवार को भारी बिकवाली के कारण निवेशकों को 5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो गया।

इजराइल और ईरान के बीच जंग की शुरुआत हो गई है। इस तनाव वाले माहौल में अब सोमवार को भारतीय शेयर बाजर पर दबाव पड़ने की आशंका है। ये अहम है कि शुक्रवार को भी शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखी गई और निवेशकों को करीब 5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो गया।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
वेल्थमिल सिक्योरिटीज के इक्विटी रणनीतिकार क्रांति बाथिनी ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से आम तौर पर बाजारों में नकारात्मकता और बिकवाली का दबाव बनता है। इसलिए शुरुआती प्रतिक्रिया नकारात्मक रहने की संभावना है। उन्होंने आगे कहा कि बाजार यह आकलन करने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह एक लॉन्ग टर्म की जंग में तब्दील होगा या शॉर्ट टर्म सैन्य कार्रवाई बनकर रह जाएगा। इसी आधार पर जंग के प्रभाव की सीमा निर्धारित होगी।
पूर्व-नियोजित हमला
इजराइल ने ईरान पर पूर्व-नियोजित हमला शुरू करने के साथ ही पूरे देश में तत्काल आपात स्थिति घोषित कर दी है। इजराइल के पूर्व-नियोजित हमलों के बाद पूरे देश में सायरन बजने लगे। इजराइल रक्षा बलों (आईडीएफ) की 'होम फ्रंट कमांड' ने नागरिकों को चेतावनी दी कि वे सायरन बजने की स्थिति में बम से बचने के लिए बनाए गए आश्रय स्थल के पास ही रहें। होम फ्रंट कमांड के संदेश में कहा गया है कि सुरक्षा स्थिति को देखते हुए नागरिक यह सुनिश्चित करें कि उनके नजदीक सुरक्षित आश्रय स्थल कहां है और वे गैर-जरूरी यात्रा से बचें।
ट्रंप का ऐलान
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि इजराइल द्वारा हमले शुरू करने के बाद अमेरिका ने ईरान पर बड़े पैमाने पर युद्ध अभियान की शुरुआत कर दी है। ट्रंप ने स्वीकार किया है कि ईरान के हमलों की वजह से अमेरिकी सैनिक हताहत हो सकते हैं, साथ ही उन्होंने कहा कि युद्ध में ऐसा अक्सर होता है। ट्रंप ने ईरान की जनता से सरकार की सत्ता अपने हाथो में लेने की अपील की है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की योजना अमेरिका तक पहुंचने वाली मिसाइलें बनाना है।
शुक्रवार को कितना नुकसान?
बीते शुक्रवार को बाजार में भारी गिरावट के कारण निवेशकों की संपत्ति में 4.98 लाख करोड़ रुपये की कमी आई। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण एक ही दिन में 4,98,603.42 करोड़ रुपये घटकर 4,63,50,671.27 करोड़ रुपये (5.10 हजार अरब डॉलर) पर आ गया।
सेंसेक्स और निफ्टी का हाल?
विदेशी संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी और वैश्विक स्तर पर बढ़ते जोखिमों के बीच वैश्विक बाजारों में कमजोरी के कारण सेंसेक्स में एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। बीएसई सेंसेक्स 961.42 अंक यानी 1.17 प्रतिशत गिरकर 81,287.19 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान इसमें 1,089.46 अंक तक की गिरावट आई थी। इसी तरह, एनएसई का 50 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक निफ्टी 317.90 अंक यानी 1.25 प्रतिशत गिरकर 25,178.65 अंक पर बंद हुआ। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक बाजार में बिकवाल रहे। उन्होंने शुक्रवार को 7,536.36 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
लेखक के बारे में
Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
और पढ़ें


