क्या मोदी सरकार बढ़ाने वाली है गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी? पीएम ने सोना न खरीदने की है अपील
मुख्य बातें
- अब सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है
- पीएम मोदी का सीधा संदेश और पश्चिम एशिया के हालात बताते हैं कि आने वाले महीनों में सोने पर आयात शुल्क बढ़ाने से इनकार नहीं किया जा सकता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अगले एक साल तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने को कहा है। इसको लेकर अब सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में जियो-पॉलिटिकल संकट गहराता है तो सरकार सोने के आयात पर शुल्क यानी इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा सकती है।
क्यों नहीं खरीदें सोना?
बता दें रविवार को हैदराबाद में एक कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी ने पेट्रोल-डीजल और गैस की खपत कम करने, अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचने और गैर-जरूरी सोने की खरीदारी न करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इससे भारत के विदेशी मुद्रा भंडार की बचत होगी और अर्थव्यवस्था पर दबाव कम होगा।
हालांकि, केंद्र ने आयात शुल्क में किसी बदलाव की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन नीति और बाजार हलकों में पीएम के बयान को संकेत के रूप में देखा जा रहा है। सरकार संभवतः आपातकालीन उपायों की तैयारी कर रही है, अगर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती रहीं और विदेशी खाते पर दबाव बना रहा।
भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयातकों में से एक
भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयातकों में से एक है। अगर तेल की कीमतों में उछाल आता है या शिपिंग बाधित होती है, तो देश का आयात बिल काफी बढ़ सकता है। ऐसे में नीति निर्माता सोने जैसी गैर-जरूरी वस्तुओं के आयात को कम करने के कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं।
सरकार के पास क्या है विकल्प
सोने की डिमांड कम करने के लिए सरकार सोने के आयात पर सीमा शुल्क बढ़ाने का विकल्प अपना सकती है। इससे मांग तो कम होगी ही और डॉलर के बाहर जाने पर रोक लगेगी। फिलहाल सोने के आयात पर सीमा शुल्क और अन्य टैक्स मिलाकर प्रभावी इंपोर्ट ड्यूटी लगभग 6% है।
डीजीएफटी पहले ही कर चुका है नियम सख्त
इन अटकलों से ठीक पहले, विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने अप्रैल 2025 में कई कीमती धातु उत्पादों के आयात नियम सख्त कर दिए थे। सोने, चांदी और प्लैटिनम से जुड़ी कई कैटेगरी को 'मुक्त' से 'प्रतिबंधित' श्रेणी में डाल दिया गया था। यह कदम ट्रेड चैनल्स के दुरुपयोग को रोकने और कीमती धातुओं के आयात पर नजर कसने के लिए उठाया गया था।
क्या LRS के नियम हो सकते हैं सख्त
प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्राओं से बचने की अपील ने भी चर्चा बढ़ा दी है। संभावना जताई जा रही है कि सरकार भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत बाहर भेजी जाने वाली धनराशि पर करीबी निगरानी बढ़ा सकती है। फिलहाल LRS के तहत भारतीय यात्रा, शिक्षा, निवेश और अन्य अनुमत कार्यों के लिए सालाना 2.5 लाख डॉलर तक भेज सकते हैं।
क्या आने वाले दिनों में बढ़ेगा सोने पर टैक्स?
फिलहाल सरकार की ओर से कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है, लेकिन पीएम मोदी का सीधा संदेश और पश्चिम एशिया के हालात बताते हैं कि आने वाले महीनों में सोने पर आयात शुल्क बढ़ाने से इनकार नहीं किया जा सकता।
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Drigraj Madheshiaदृगराज मद्धेशिया पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता जगत का एक विश्वसनीय चेहरा हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' की बिजनेस टीम के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में, वे शेयर बाजार, कमोडिटी, पर्सनल फाइनेंस और यूटिलिटी सेक्टर पर अपनी गहरी पकड़ रखते हैं। वह कलम से बाजार की नब्ज टटोलने वाले एक पत्रकार हैं, जो शेयर बाजार से लेकर आपकी जेब (Personal Finance) तक, हर खबर को आसान बनाते हैं। टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के अपने विस्तृत अनुभव के साथ, दृगराज जटिल मार्केट डेटा को आम पाठकों के लिए 'कुछ अलग' और आसान भाषा में पेश करने के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में हिन्दुस्तान, सहारा समय, दैनिक जागरण और न्यूज नेशन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। मूलत: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रहने वाले दृगराज मैथ्स बैकग्राउंड होने के कारण डेटा और कैलकुलेशन में माहिर हैं, जो बिजनेस पत्रकारिता के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है। उन्होंने कॅरियर की शुरुआत गोरखपुर से सहारा समय साप्ताहिक से बतौर फ्रीलांसर की और बहुत ही जल्द सहारा समय उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड के हिस्सा बन गए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में वॉच न्यूज से जुड़े। टीवी को छोड़ हिन्दुस्तान अखबार के बरेली एडिशन की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा बने। साढ़े सात साल की मैराथन पारी के बाद अगला पड़ाव न्यूज नेशन डिजिटल रहा। इसके बाद एक बार फिर हिन्दुस्तान दिल्ली से जुड़े और अब डिजिटल टीम का हिस्सा हैं। और पढ़ें


