सरकार बेच रही हिस्सेदारी, 5% टूटा शेयर; प्रॉफिट बनाने को निवेशक अपनाएं ये तरीका
मुख्य बातें
- IRFC के शेयरों में 5% तक की गिरावट देखने को मिली, क्योंकि केंद्र सरकार ने कंपनी में अपनी 1% हिस्सेदारी बेचने के लिए ऑफर फॉर सेल (OFS) लॉन्च किया है
- सरकार ने ₹91 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है, जो बाजार भाव से करीब 7.5% कम है

भारतीय रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IRFC) के शेयरों में बुधवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। कंपनी का शेयर करीब 5% टूटकर 93.50 रुपये तक पहुंच गया। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया ऑफर फॉर सेल (OFS) है। सरकार IRFC में अपनी 1% हिस्सेदारी बेच रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त 1% हिस्सेदारी भी ग्रीन्शू ऑप्शन के जरिए बेच सकती है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।
सरकार की ओर से जारी OFS के तहत लगभग 13.06 करोड़ शेयर बिक्री के लिए रखे गए हैं। इसके अलावा उतने ही अतिरिक्त शेयर भी बेचे जा सकते हैं। सरकार ने इस बिक्री के लिए 91 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है, जो शेयर के पिछले बंद भाव से लगभग 7.5% कम है। यही वजह है कि बाजार खुलते ही निवेशकों में बिकवाली का दबाव बढ़ गया और शेयर नीचे आ गया।
IRFC ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि नॉन-रिटेल (Non-Retail) निवेशकों के लिए OFS बुधवार को खुला है, जबकि रिटेल निवेशक गुरुवार को इसमें भाग ले सकेंगे। मार्च 2026 तिमाही के आंकड़ों के अनुसार कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी 84.65% है, जबकि लगभग 9.68% हिस्सेदारी रिटेल निवेशकों के पास है। दिलचस्प बात यह है कि IRFC के 50 लाख से ज्यादा छोटे निवेशक हैं, जो इसे देश के सबसे लोकप्रिय PSU शेयरों में शामिल बनाते हैं।
एक्सपर्ट का मानना है कि सरकार की इस हिस्सेदारी बिक्री से कंपनी के शेयरों का फ्री फ्लोट बढ़ेगा और बाजार में इसकी लिक्विडिटी बेहतर होगी। इसका मतलब है कि भविष्य में शेयरों की खरीद-बिक्री और आसान हो सकती है। हालांकि, अल्पकाल में OFS के कारण शेयर पर दबाव बना रह सकता है।
कंपनी के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की बात करें तो IRFC ने मार्च 2026 तिमाही में 1,684 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले लगभग स्थिर रहा। वहीं, कंपनी की आय 9% बढ़कर 7,336 करोड़ रुपये पहुंच गई। हालांकि, दिसंबर तिमाही की तुलना में मुनाफे में 7% की गिरावट दर्ज की गई।
अगर शेयर के प्रदर्शन पर नजर डालें तो IRFC निवेशकों के लिए पिछले कुछ महीने चुनौतीपूर्ण रहे हैं। साल 2026 में अब तक यह शेयर करीब 22% टूट चुका है। इतना ही नहीं, 2024 में बने अपने रिकॉर्ड हाई 229 रुपये के स्तर से यह लगभग 60% नीचे कारोबार कर रहा है। आज 24 जून को खबर लिखे जाने तक ये IRFC शेयर (Indian Railway Finance Corp Ltd) 4.50% की गिरावट के साथ 94.17 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।
IRFC भारतीय रेलवे की प्रमुख वित्तीय संस्था है, जो रेलवे के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, कोच, इंजन और अन्य कैपिटल प्रोजेक्ट के लिए फंडिंग उपलब्ध कराती है। यही वजह है कि इसे रेलवे सेक्टर का एक महत्वपूर्ण PSU माना जाता है।
अब निवेशकों की नजर OFS के रिस्पॉन्स और आने वाले दिनों में शेयर की चाल पर बनी हुई है। कई निवेशक इसे लंबी अवधि के लिए अवसर मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग फिलहाल बाजार के स्थिर होने का इंतजार कर रहे हैं।


