
₹2994 करोड़ जुटाएगी सरकारी कंपनी, शेयर ने दिया 52 हफ्ते का सबसे बुरा परफॉर्मेंस
शेयर में यह गिरावट इसलिए भी अहम है क्योंकि कंपनी ने इक्विटी शेयर जारी कर 2994 करोड़ रुपये जुटाने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी लेने की योजना बनाई है। इरेडा के शेयर की बात करें तो 126.65 रुपये की पिछली क्लोजिंग के मुकाबले 124.10 रुपये के निचले स्तर पर आ गया।
Ireda share price: सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (इरेडा) के शेयर में को बड़ी गिरावट देखी गई। इस वजह से शेयर ने 52 हफ्ते के लो को टच किया। शेयर में यह गिरावट इसलिए भी अहम है क्योंकि कंपनी ने इक्विटी शेयर जारी कर 2994 करोड़ रुपये जुटाने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी लेने की योजना बनाई है। यह मंजूरी पात्र संस्थागत खरीदारों समेत अन्य निवेशकों से डाक के जरिये ली जाएगी।
क्या है कंपनी का प्लान
इस इश्यू से कंपनी में भारत के राष्ट्रपति की शेयरहोल्डिंग इश्यू के बाद की चुकता इक्विटी शेयर पूंजी के 3.76 प्रतिशत से अधिक नहीं घटेगी। कंपनी अपने मौजूदा परिचालन में ग्रोथ अवसरों की उम्मीद करती है और विभिन्न विकल्पों का मूल्यांकन करना जारी रखे हुए है। इसके लिए कंपनी को इस तरह की ग्रोथ प्राप्त करने के लिए पूंजी की जरूरत बनी हुई है। कंपनी ने भविष्य की कैपिटल जरूरत, आगे लोन देने और सामान्य कंपनी उद्देश्यों को पूरा करने के लिए कैपिटल बेस को बढ़ाने को लेकर निर्धारित कानून और निदेशक मंडल की मंजूरी के अनुरूप अतिरिक्त पूंजी जुटाने का प्रस्ताव किया है। इस प्रस्ताव के कार्यान्वयन और प्राप्त फंड के उपयोग की समय-सारणी को बाद में उचित समय पर निदेशक मंडल मंजूरी देगा। प्रस्ताव पर ई-मतदान शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 को सुबह 9 बजे शुरू होगा और शनिवार, 14 मार्च 2026 को शाम 5 बजे समाप्त होगा।
52 वीक लो पर शेयर
इरेडा के शेयर की बात करें तो 126.65 रुपये की पिछली क्लोजिंग के मुकाबले 124.10 रुपये के निचले स्तर पर आ गया। यह शेयर के 52 हफ्ते का लो है। पिछले साल फरवरी महीने में शेयर 187.75 रुपये तक पहुंच गया था। यह शेयर के 52 हफ्ते का हाई है।
इरेडा के तिमाही नतीजे
चालू वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही में इरेडा का नेट प्रॉफिट 37 प्रतिशत बढ़कर 585 करोड़ रुपये रहा। मुख्य रूप से कंपनी की आय बढ़ने से लाभ बढ़ा है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि पिछले वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में उसे 425 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। कंपनी का परिचालन राजस्व 38 प्रतिशत बढ़कर 2140 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 1699 करोड़ रुपये था। तिमाही में कर्ज वितरण 32 प्रतिशत बढ़कर 9,860 करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले इसी तिमाही में 7,449 करोड़ रुपये था। तिमाही के दौरान नेटवर्थ बढ़कर 13,537 करोड़ रुपये हो गया जो एक साल पहले दिसंबर तिमाही में 9,842 करोड़ रुपये था।





