LPG की 99% से ज्यादा सप्लाई करती हैं 3 कंपनियां, अब प्रॉडक्शन बढ़ाने के लिए संभाला मोर्चा
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने LPG का प्रॉडक्शन बढ़ाने के लिए कदम उठाए हैं। साथ ही, घरेलू उपभोक्ताओं और जरूरी गैर-घरेलू सेक्टर्स के लिए इसकी उपलब्धता को प्राथमिकता दी है।

LPG की किल्लत के बीच केंद्र सरकार के आदेशों के अनुरूप सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) का प्रॉडक्शन बढ़ाने के लिए कदम उठाए हैं। साथ ही, घरेलू उपभोक्ताओं और जरूरी गैर-घरेलू सेक्टर्स के लिए इसकी उपलब्धता को प्राथमिकता दी है। यह बात बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट में कही गई है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने एक साझा बयान में कहा है, 'दूसरे गैर-घरेलू सेक्टर्स की रिक्वेट्स को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर्स की एक कमेटी रिव्यू करेगी और योग्यता, जरूरत और प्रॉडक्ट्स की उपलब्धता के आधार पर प्राथमिकता दी जाएगी।'
घरेलू LPG का 99% से ज्यादा हिस्सा सप्लाई करती हैं 3 दिग्गज कंपनियां
केंद्र सरकार ने एक दिन पहले सभी रिफाइनरीज को अपने प्रोपेन, ब्यूटेन, प्रॉपलीन और ब्यूटेन आउटपुट को पूरी तरह से LPG प्रॉडक्शन के लिए इस्तेमाल करने का आदेश दिया है, उसी के बाद यह बात सामने आई है। सरकार ने घरेलू कंपनियों से अपने पूरे LPG प्रॉडक्शन की सप्लाई भी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन(IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (BPCL) और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (HPCL) को करने को कहा है। यह तीनों ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMC) संयुक्त रूप से देश के घरेलू LPG का 99 पर्सेंट से ज्यादा हिस्सा सप्लाई करती हैं। केंद्र सरकार ने चेताया है कि इस आदेश का उल्लंघन करने पर एसेंशल कमोडिटीज एक्ट 1955 और पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स (मेंटीनेंस ऑफ प्रॉडक्शन, स्टोरेज एंड सप्लाई) ऑर्डर 1999 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
क्यों हो रही है सप्लाई की किल्लत
सरकार की तरफ से यह कदम ऑयल एंड गैस की सप्लाई बाधित होने की वजह से उठाया गया है। ईरान वार की वजह से गैस और तेल की सप्लाई बाधित हुई है। दोनों पक्षों की तरफ से होने वाली मिलिट्री स्ट्राइक की वजह से होर्मुज स्ट्रेट से होने वाली शिपिंग पर दबाव बढ़ा है। होर्मुज स्ट्रेट, ईरान और ओमान के बीच स्थित एक बेहद संकरा रास्ता है, लेकिन ग्लोबल ऑयल एंड गैस ट्रेड में इसकी बड़ी हिस्सेदारी है।
LPG जरूरत का 60% हिस्सा आयात करता है भारत
भारत अपनी घरेलू एलपीजी जरूरतों को पूरा करने के लिए आयात पर निर्भर है। भारत अपनी LPG जरूरत का करीब 60 पर्सेंट हिस्सा आयात करता है। भारत के आयात में पश्चिम एशिया की हिस्सेदारी 85-90 पर्सेंट है। होर्मुज स्ट्रेट के जरिए कार्गो एशिया तक आते हैं। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMC) ने नए LPG सिलेंडर बुकिंग के पीरियड को भी एक्सटेंड करके 25 दिन कर दिया है, पहले यह अवधि एलपीजी सिलेंडर की पिछली डिलीवरी से 21 दिन की थी। पिछले हफ्ते ही घरेलू एलपीजी का दाम प्रति सिलेंडर 60 रुपये बढ़ाया गया है। वही, कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में 114.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
लेखक के बारे में
Vishnu Soniविष्णु सोनी लाइव हिन्दुस्तान में बिजनेस, गैजेट्स और ऑटो सेक्शन संभाल रहे हैं। वह दिसंबर 2020 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ
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पत्रकारिता में विष्णु को 20 साल पूरे होने को हैं। विष्णु के करियर का ज्यादातर हिस्सा बिजनेस जर्नलिज्म से जुड़ा रहा है।
वह दैनिक भास्कर, इकनॉमिक टाइम्स-हिंदी, अमर उजाला, नेटवर्क-18 और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर
चुके हैं। विष्णु ने पत्रकारिता की पढ़ाई इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मॉस कम्युनिकेशन (IIMC), दिल्ली से की है। विष्णु, इलाहाबाद
विश्वविद्यालय के गोल्ड मेडलिस्ट हैं। GST को लेकर बनाए गए विष्णु के एक वीडियो को अवॉर्ड भी मिल चुका है। कुकिंग,
ट्रेवलिंग, क्रिकेट देखने और खेलने में इनको मजा आता है। अपने वक्त का एक हिस्सा विष्णु ऐसे शेयरों को 'खोजने' में लगाते
हैं, जो कि आगे चलकर अच्छा रिटर्न दें।


