
इंफोसिस के प्रॉफिट में आई गिरावट, लेबर कोड लागू होने का असर
इंफोसिस ने दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में इंफोसिस का नेट प्रॉफिट 2.2 प्रतिशत घटकर 6,654 करोड़ रुपये पर आ गया। इंफोसिस में तीसरी तिमाही में कर्मचारियों की संख्या में 5043 की बढ़ोतरी हुई।
Infosys result: देश की दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस ने दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में इंफोसिस का नेट प्रॉफिट 2.2 प्रतिशत घटकर 6,654 करोड़ रुपये पर आ गया। प्रॉफिट में आई यह गिरावट भारत सरकार के हाल के लेबर कोड नियमों के असर के कारण हुई है। इंफोसिस को हाल के लेबर कोड से ₹1,289 करोड़ का नुकसान हुआ है।
कंपनी की आय की बात करें तो 8.9 प्रतिशत बढ़कर 45,479 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इंफोसिस ने राजस्व वृद्धि के अनुमान को बढ़ाकर स्थिर मुद्रा के संदर्भ में 3-3.5 प्रतिशत किया।
कर्मचारियों की संख्या में कितनी बढ़ोतरी
इंफोसिस में तीसरी तिमाही में कर्मचारियों की संख्या में 5043 की बढ़ोतरी हुई, यह लगातार छठी तिमाही है जब कंपनी में कर्मचारियों की संख्या बढ़ी है। अक्टूबर-दिसंबर की अवधि के आखिर में कंपनी में कर्मचारियों की संख्या 3,37,034 थी। पिछली तीन तिमाहियों में इंफोसिस में कर्मचारियों की संख्या में 13,456 की बढ़ोतरी हुई है। कंपनी के CEO सलिल पारेख ने कहा कि कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोतरी यह दिखाती है कि हमें मार्केट पर भरोसा है और हम डिमांड देख रहे हैं। CFO जयेश संघराजका ने कहा कि कंपनी ने करीब 18,000 फ्रेशर्स को हायर किया है और FY26 के पूरे साल में 20,000 फ्रेशर्स को ऑनबोर्ड करने का लक्ष्य है।
क्या कहा कंपनी के सीईओ ने?
इंफोसिस के सीईओ और प्रबंध निदेशक सलिल पारेख ने कहा- कंपनी ने तीसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया, जो यह दर्शाता है कि कैसे इंफोसिस टोपाज के माध्यम से एंटरप्राइज एआई में हमारे विशिष्ट मूल्य प्रस्ताव लगातार उच्च बाजार हिस्सेदारी दिला रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्राहक तेजी से इंफोसिस को प्रमाणित विशेषज्ञता, इनोवेशन, क्षमताओं और मजबूत डिलीवरी साख वाले अपने एआई साझेदार के रूप में देख रहे हैं। इसने उन्हें कॉमर्शियल कैपिसिटी को उजागर करने और मूल्य प्राप्ति को बढ़ाने में मदद की है। इस यात्रा के केंद्र में एआई मूल्यवर्धित दुनिया में सफलता पाने के लिए अपने समर्पित मानव संसाधन पूल को फिर से कुशल बनाने की हमारी प्रतिबद्धता है।





