इंफोसिस के ADR में 10% उछाल, सुस्त तिमाही नतीजे के बीच ये है पॉजिटिव अपडेट
वित्त वर्ष 2025-26 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में इंफोसिस का मुनाफा 2.2 प्रतिशत घटकर 6,654 करोड़ रुपये रहा। बेंगलुरु मुख्यालय वाली इस कंपनी ने पिछले साल की इसी अवधि में 6,806 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था।
भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी सर्विसेज कंपनी इंफोसिस लिमिटेड के अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स (ADR) में बंपर उछाल आया है। यह उछाल न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में आया। इस कंपनी का ADR लगभग 10% चढ़कर 19.20 डॉलर के आसपास पहुंच गया। दरअसल, इंफोसिस मैनेजमेंट ने पूरे वित्त वर्ष 2026 के लिए ग्रोथ गाइडेंस को पहले के 2–3% के दायरे से बढ़ाकर 3–3.5% कर दिया है। यह संकेत ऐसे समय आया है जब वैश्विक टेक्नोलॉजी सर्विस सेक्टर बीते कई तिमाहियों से सुस्त मांग, क्लाइंट्स की सतर्क खर्च नीति और फैसलों में देरी जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। बता दें कि ADR का मतलब है इंफोसिस लिमिटेड के शेयरों का वह रूप जो अमेरिका के शेयर बाजार में ट्रेड होता है। इंफोसिस का ADR न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (NYSE) में INFY नाम से सूचीबद्ध है।
कैसे रहे तिमाही नतीजे
वित्त वर्ष 2025-26 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में इंफोसिस का मुनाफा 2.2 प्रतिशत घटकर 6,654 करोड़ रुपये रहा। बेंगलुरु मुख्यालय वाली इस कंपनी ने पिछले साल की इसी अवधि में 6,806 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। कंपनी का परिचालन राजस्व तिमाही में 8.89 प्रतिशत बढ़कर 45,479 करोड़ रुपये हो गया जो एक साल पहले 2024-25 की तीसरी तिमाही में 41,764 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही के मुकाबले कंपनी का लाभ 9.6 प्रतिशत घटा जबकि राजस्व में 2.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राजस्व वृद्धि अनुमान को स्थिर मुद्रा के आधार पर पहले के 2-3 प्रतिशत से बढ़ाकर 3-3.5 प्रतिशत किया है।
18,000 करोड़ रुपये का शेयर बायबैक
इंफोसिस ने इस अवधि में 18,000 करोड़ रुपये की अब तक की सबसे बड़ी शेयर बायबैक को पूरा किया और अंतरिम लाभांश का भुगतान किया। कंपनी के कर्मचारियों की कुल संख्या 5,043 बढ़कर 3,37,034 हो गई है। मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) जयेश संघराजका ने कहा कि कंपनी वित्त वर्ष 2025-26 में 20,000 प्रवेश स्तर की भर्ती की राह पर है, जिसमें से लगभग 18,000 को पहले ही नियुक्त किया जा चुका है।





