
13 जनवरी को खुल रहा एक और IPO, प्राइस बैंड ₹149, ग्रे मार्केट में अभी से तेजी
कंपनी का आईपीओ निवेश के लिए 13 जनवरी से खुल रहा है। निवेशक इस इश्यू में 15 जनवरी तक दांव लगा सकते हैं। यह इश्यू BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होगा। कंपनी के शेयर अभी से ही ₹25 प्रीमियम पर उपलब्ध हैं।
INDO SMC IPO: अगर आप किसी आईपीओ में दांव लगाने की सोच रहे हैं तो आपके लिए काम की खबर है। आने वाले दिनों में बैक टू बैक आईपीओ निवेश के लिए खुलने वाले हैं। इनमें से एक इंडो एसएमसी आईपीओ भी है। कंपनी ने अपने आईपीओ के लिए 149 रुपये प्रति शेयर प्राइस बैंड तय किया है। कंपनी का आईपीओ निवेश के लिए 13 जनवरी से खुल रहा है। निवेशक इस इश्यू में 15 जनवरी तक दांव लगा सकते हैं। यह इश्यू BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होगा। कंपनी के शेयर अभी से ही ₹25 प्रीमियम पर उपलब्ध हैं।
IPO की डिटेल
IPO की बात करें तो यह पूरी तरह फ्रेश इश्यू है, जिसमें 61.71 लाख नए शेयर जारी किए जाएंगे। इस इश्यू का प्राइस बैंड 141 से 149 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। कुल IPO साइज करीब 87 से 92 करोड़ रुपये के बीच रहेगा। निवेशकों को कम से कम 2,000 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी, यानी न्यूनतम निवेश लगभग 2.98 लाख रुपये का होगा। रिटेल निवेशकों के लिए 35% हिस्सा आरक्षित है। कंपनी इस IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल अपने बिजनेस विस्तार, वर्किंग कैपिटल और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए करने की योजना बना रही है।
कंपनी का कारोबार
इंडो एसएमसी अपने प्रोडक्शन के लिए SMC, FRP, कॉपर, माइल्ड स्टील और स्टेनलेस स्टील जैसे आधुनिक मटीरियल का इस्तेमाल करती है। कंपनी की कुल चार मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान में स्थित हैं। अहमदाबाद की यूनिट खासतौर पर SMC और FRP प्रोडक्ट्स के लिए जानी जाती है, जहां बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए एडवांस मशीनरी का इस्तेमाल किया जाता है। कंपनी का बिजनेस तीन हिस्सों में बंटा है – एसएमसी डिवीजन, FRP डिवीजन और इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स डिवीजन। इन डिवीजनों के जरिए कंपनी मीटर बॉक्स, FRP ग्रेटिंग, स्टोरेज टैंक, ट्रांसफॉर्मर, फीडर पिलर और स्विचगियर जैसे प्रोडक्ट बनाती है।
वित्त वर्ष 2025 में कंपनी की आमदनी का बड़ा हिस्सा SMC बॉक्स से आया, जो कुल रेवेन्यू का करीब 49% रहा। इसके अलावा FRP ग्रेटिंग से लगभग 21% और बस डक्ट से करीब 8% की हिस्सेदारी रही। भौगोलिक रूप से देखें तो कंपनी की सबसे ज्यादा बिक्री गुजरात से हुई, जो कुल बिक्री का 64% से ज्यादा रही। महाराष्ट्र का योगदान करीब 18% रहा। कंपनी ने एक्सपोर्ट की भी शुरुआत कर दी है, हालांकि अभी इसका हिस्सा 1% से भी कम है। नवंबर 2025 के अंत तक कंपनी में कुल 332 कर्मचारी काम कर रहे थे, जिनमें स्थायी और कॉन्ट्रैक्ट दोनों तरह के कर्मचारी शामिल हैं।





