पहले ही दिन 700 रुपये के पार जा पहुंचा शेयर, IPO में 485 रुपये था शेयर का दाम
मुख्य बातें
- इंडो-एमआईएम के शेयर BSE में 45% के फायदे के साथ 703 रुपये पर लिस्ट हुए हैं
- NSE में कंपनी के शेयर 44.33% के प्रीमियम के साथ 700 रुपये पर लिस्ट हुए
- लिस्टिंग के बाद कंपनी के शेयरों में और उछाल देखने को मिला है

INDO-MIM IPO: इंडो-एमआईएम के शेयरों ने बाजार में उतरते ही धमाल मचा दिया है। कंपनी के शेयर गुरुवार को BSE में 45 पर्सेंट के फायदे के साथ 703 रुपये पर लिस्ट हुए हैं। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में इंडो-एमआईएम के शेयर 44.33 पर्सेंट के प्रीमियम के साथ 700 रुपये पर लिस्ट हुए हैं। आईपीओ में कंपनी के शेयर का दाम 485 रुपये था। इंडो-एमआईएम का आईपीओ दांव लगाने के लिए 23 जुलाई 2026 को खुला था और यह 27 जुलाई तक ओपन रहा। इंडो-एमआईएम के आईपीओ का टोटल साइज 3811 करोड़ रुपये तक का था।
लिस्टिंग के बाद और उछल गए कंपनी के शेयर
जबरदस्त लिस्टिंग के बाद इंडो-एमआईएम के शेयरों में और उछाल देखने को मिला है। कंपनी के शेयर BSE में 725.15 रुपये पर जा पहुंचे हैं। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर भी इंडो-एमआईएम के शेयर 725.80 रुपये पर पहुंच गए हैं। कंपनी का मार्केट कैप गुरुवार को 35,200 करोड़ रुपये के पार जा पहुंचा है।
IPO पर लगा 72 गुना से ज्यादा दांव
इंडो-एमआईएम का आईपीओ (INDO-MIM IPO) टोटल 72.37 गुना सब्सक्राइब हुआ था। कंपनी के आईपीओ में आम निवेशकों या रिटेल इनवेस्टर्स की कैटेगरी में 6.69 गुना दांव लगा। वहीं, एंप्लॉयीज का कोटा 9.44 गुना सब्सक्राइब हुआ। इंडो-एमआईएम के आईपीओ में गैर संस्थागत निवेशकों या नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) के कोटे में 50.65 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। वहीं, क्वॉलीफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) कैटेगरी में 204.47 गुना दांव लगा। कंपनी के आईपीओ में आम निवेशक कम से कम 1 लॉट और अधिकतम 13 लॉट के लिए दांव लगा सकते थे। इंडो-एमआईएम के आईपीओ में एक लॉट के लिए आम निवेशकों को 14,500 रुपये का इनवेस्टमेंट करना पड़ा है।
क्या करती है इंडो-एमआईएम?
इंडो-एमआईएम की शुरुआत साल 1996 में हुई है। मेटल इंजेक्शन मोल्डिंग (MIM) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए प्रिसिशन इंजीनियरिंग कंपोनेंट्स बनाने वाले में इंडो-एमआईएम ग्लोबल लीडर है। कंपनी मोल्ड डिजाइन, टूलिंग, फिनिशिंग और असेंबली समेत इंड-टू-इंड सॉल्यूशंस ऑफर करती है। मेटल इंजेक्शन मोल्डिंग (MIM) टेक्नोलॉजी के अलावा कंपनी इनवेस्टमेंट कॉस्टिंग, प्रिसिशन मशीनिंग, सेरेमिक इंजेक्शन मोल्डिंग और 3D मेटल प्रिंटिंग जैसी एडवांस्ड टेक्नोलॉजीज का इस्तेमाल करती है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने 6400 से ज्यादा प्रॉडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग की। कंपनी ऑटोमोटिव, डिफेंस, कंज्यूमर और एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज की जरूरतें पूरी करती है। 31 मार्च 2026 तक के डीटेल्स के मुताबिक, इंडो-एमआईएम के चीन, जर्मनी और युनाइटेड स्टेट्स में 3 सेल्स ऑफिस हैं। चेक रिपब्लिक, फ्रांस, इटली, जापान, दक्षिण कोरिया, इजरायल, पोलैंड और तुर्की में कंपनी के सेल्स रिप्रेजेंटेटिव हैं। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी ने 1100 से ज्यादा कस्टमर्स को सर्विसेज दी हैं।


