इंडिगो का फ्लाइट टिकट महंगा… कंपनी ने ₹2300 तक बढ़ाए फ्यूल चार्ज, जंग का असर
प्राइवेट सेक्टर की एयरलाइन इंडिगो ने एक बयान में कहा कि घरेलू उड़ानों और भारतीय उपमहाद्वीप के भीतर ईंधन शुल्क 425 रुपये होगा जबकि पश्चिम एशिया की तरफ जाने वाली उड़ानों के लिए यह शुल्क 900 रुपये होगा।

ईरान की अमेरिका और इजराइल से छिड़ी जंग की वजह से ईंधन का संकट बढ़ गया है। इसका असर विमान ईंधनों पर भी पड़ा है। विमान ईंधन की कीमतों में आए तेज उछाल के बीच इंडिगो ने शुक्रवार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ान टिकटों पर 14 मार्च से 425-2300 रुपये तक ईंधन शुल्क वसूलने की घोषणा की। इंडिगो के इस कदम से हवाई किराये में बढ़ोतरी हो जाएगी। एयरलाइन ने एक बयान में कहा कि घरेलू उड़ानों और भारतीय उपमहाद्वीप के भीतर ईंधन शुल्क 425 रुपये होगा जबकि पश्चिम एशिया की तरफ जाने वाली उड़ानों के लिए यह शुल्क 900 रुपये होगा। दक्षिण-पूर्व एशिया और चीन, अफ्रीका और पश्चिम एशिया की उड़ानों के लिए ईंधन शुल्क 1,800 रुपये होगा जबकि यूरोप की उड़ानों के लिए ईंधन शुल्क 2,300 रुपये होगा। बता दें कि एयरलाइन के संचालन खर्च में विमानन ईंधन (एटीएफ) की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत होती है।
क्या कहा इंडिगो ने?
कंपनी ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण एटीएफ की कीमतों में तेज़ वृद्धि हुई है, लिहाजा ईंधन शुल्क लगाने का कदम उठाया गया है। एयरलाइन ने कहा-अगर ईंधन की बढ़ी कीमतों का पूरा असर टिकट किराए पर डाला जाता तो किराया काफी ज्यादा बढ़ाना पड़ता। इसलिए यात्रियों पर बोझ कम रखने के लिए अपेक्षाकृत कम राशि का ईंधन शुल्क लगाया गया है। इससे पहले 10 मार्च को एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी टिकटों पर ईंधन अधिभार लगाने की घोषणा की थी।
एयर इंडिया ने क्या ऐलान किया?
एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस 12 मार्च से प्रत्येक घरेलू उड़ान के टिकट पर 399 रुपये का ईंधन अधिभार लागू कर चुकी है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी ईंधन अधिभार बढ़ाया गया है।
नई अधिभार प्रणाली चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी। पहले चरण में, 12 मार्च से घरेलू और दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) के लिए उड़ानों पर 399 रुपये प्रति टिकट का ईंधन अधिभार लागू होगा। एयरलाइन कंपनी ने कहा कि पश्चिम एशिया की उड़ानों के लिए अधिभार 10 डॉलर, अफ्रीका के लिए 90 डॉलर और दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए 60 अमेरिकी डॉलर होगा। यह सभी बदलाव 12 मार्च से प्रभावी हैं, जिसमें सिंगापुर की उड़ानें भी शामिल हैं। वर्तमान में सिंगापुर सेवाओं पर कोई ईंधन अधिभार नहीं है।
क्या कहा एयरलाइन ने?
इंडिगो एयरलाइन ने कहा कि ईंधन कीमतों में इस वृद्धि के पूरे असर को संतुलित करने के लिए किरायों में काफी बड़ा बदलाव करना पड़ता लेकिन यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ को ध्यान में रखते हुए एयरलाइन कंपनी ने तुलनात्मक रूप से कम ईंधन शुल्क लागू करने का फैसला किया है।
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