
IndiGo के शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव, मूडीज ने रेटिंग घटाई, स्पाइस जेट भर रहा उड़ान
IndiGo Share Price: इंडिगो के शेयर आज 4901 रुपये पर खुले और दिन के निचले स्तर 4843 रुपये को टच कर गए। जबकि, आज ये 4968 के डे हाई तक गए। पिछले पांच दिन में यह स्टॉक 13 पर्सेंट से अधिक टूट चुका है। दूसरी ओर स्पाइस जेट के शेयर 5.38 पर्सेंट ऊपर 34.25 रुपये पर थे।
इंडिगो एयरलाइन ने दावा किया है कि पिछले हफ्ते के व्यवधान के बाद अब उसका नेटवर्क पूरी तरह सामान्य हो गया है। वहीं, इस मुद्दे की जांच कर रही चार सदस्यीय डीजीसीए समिति संभवतः 10 दिसंबर को इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स और सीओओ इसिड्रे पोर्करेस को और पूछताछ के लिए बुलाएगी। इस बीच इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में आज काफी उतार चढ़ाव है। इसके उलट स्पाइस जेट के शेयरों में 5 पर्सेंट से अधिक की उछाल है।
मूडीज ने इंडिगो की रेटिंग घटाई
विश्व प्रसिद्ध क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज ने इंडिगो की श्रमिक पूंजी रेटिंग को 3 से 4 कर डाउनग्रेड किया है। इसका कारण एयरलाइन में धीमी भर्ती प्रक्रिया और पायलटों की मजबूत सामूहिक शक्ति को बताया गया है, जो इसके संचालन पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है।
शेयर पर क्या पड़ रहा असर
इंडिगो के शेयर आज 4901 रुपये पर खुले और दिन के निचले स्तर 4843 रुपये को टच कर गए। जबकि, आज ये 4968 के डे हाई तक गए। पिछले पांच दिन में यह स्टॉक 13 पर्सेंट से अधिक टूट चुका है। सुबह साढ़े 10 बजे के करीब मामूली गिरावट के साथ 4918 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।
दूसरी ओर स्पाइस जेट के शेयर आज भी कुलांचे भर रहे हैं। साढ़े दस बजे के करीब ये 5.38 पर्सेंट ऊपर 34.25 रुपये पर थे। 5 दिन में यह स्टॉक 6 फीसद से अधिक चढ़ा है।
बता दें सरकार ने कहा है कि इंडिगो के फ्लाइट्स शेड्यूल में 5% की कटौती की जा सकती है और यह संख्या लगभग 110 डेली फ्लाइट्स हैं, जो अन्य एयरलाइनों को दी जा सकती है। यह उन्हीं एयरलाइंस को दी जाएंगी, जिनके पास क्षमता बढ़ाने के संसाधन हैं।
इंडिगो का जवाब और माफीनामा
वहीं, 'खेद व्यक्त' करती इंडिगो ने डीजीसीए की नोटिस के जवाब में बड़े पैमाने पर उड़ान रद्द होने के लिए पांच कारकों को जिम्मेदार ठहराया है, जिनमें नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियम और विंटर सीजन से जुड़े बदलाव शामिल हैं। एयरलाइन ने कहा कि उसके पैमाने को देखते हुए दिए गए समय में "वास्तविक रूप से सटीक कारण बताना संभव नहीं है"। उसने डीजीसीए के मैनुअल का हवाला देते हुए, जो 15 दिन का जवाबी समय देता है, 'व्यापक मूल कारण विश्लेषण' के लिए अधिक समय मांगा।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि डीजीसीए जवाब की जांच कर रहा है और उचित समय पर उचित कार्रवाई की जाएगी। जनता के गुस्से को देखते हुए यह स्पष्ट नहीं है कि इंडिगो को अधिक समय दिया जाएगा या नहीं। डीजीसीए अब इंडिगो की उड़ानों को उसकी क्रू क्षमता के अनुपात में कम कर सकता है और खाली हुए स्लॉट अन्य एयरलाइनों को दे सकता है।
इसके अलावा, डीजीसीए द्वारा मान्यता प्राप्त शीर्ष अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है और कंपनी पर भारी जुर्माना लग सकता है। एयरलाइन भी जिम्मेदार अधिकारियों से इस्तीफे मांग सकती है या उन्हें नौकरी से हटा सकती है। बता दें इंडिगो ने 5 दिसंबर को 1000 से अधिक उड़ानें रद्द करने को नेटवर्क को 'रीबूट' करने और यात्रियों व क्रू को पुनः स्थापित करने का एक 'कठोर कदम' बताया।





