
इंडिगो के शेयर क्रैश, स्पाइस जेट ने भरी उड़ान, आज 10 फीसद से ऊपर उछला
IndiGo Vs SpiceJet Share: इंडिगो की उड़ानों में उथल-पुथल सातवें दिन भी जारी है। दिल्ली और बेंगलुरु से 250 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो गई हैं। इस बीच इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयर क्रैश हो गए हैं। दूसरी ओर स्पाइस जेट के शेयर उड़ान भर रहे हें।
IndiGo Vs SpiceJet Share: इंडिगो की उड़ानों में उथल-पुथल सातवें दिन भी जारी है। दिल्ली और बेंगलुरु से 250 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो गई हैं। इस बीच इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयर क्रैश हो गए हैं। दूसरी ओर स्पाइस जेट के शेयर उड़ान भर रहे हें।
इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में आज भी भारी गिरावट है। आज अब तक के कारोबार में 7 पर्सेंट से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इसके शेयर 5110 रुपये पर खुलने के बाद सुबह सवा 11 बजे तक 7.15% टूटकर 4,986.50 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे।
दूसरी ओर स्पाइसजेट के शेयर सवा 11 बजे के करीब पौने 11 पर्सेंट ऊपर 34.70 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे। बता दें पिछले 5 दिनों में हजारों फ्लाइट्स कैसिंल करने वाले भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो के शेयर इस अवधि में करीब 14 पर्सेंट टूट चुके हैं। पांच दिन पहले यह शेयर 5796 रुपये पर था और आज सुबह साढ़े नौ बजे के करीब 5000 रुपये से नीचे ट्रेड कर रहा था।
इंडिगो में क्यों आया संकट
पायलटों के नए फ्लाइट ड्यूटी समय सीमा (एफडीटीएल) नियमों में विनियामक बदलावों का हवाला देते हुए इंडिगो 2 दिसंबर से सैकड़ों उड़ानें रद्द कर रही है, जिससे देश भर के एयरपोर्ट पर लाखों यात्री फंसे हुए हैं। सरकार और यात्रियों, दोनों की ओर से एयरलाइन पर दबाव बना हुआ है।
पहले तीन दिनों तक एयरलाइन ने बड़ी संख्या में उड़ान रद्द होने को स्वीकार नहीं किया। जब शुक्रवार को कंपनी ने 1,600 उड़ानें रद्द कीं (भारतीय विमानन इतिहास में एक रिकॉर्ड), तब जाकर सीईओ एल्बर्स ने एक वीडियो जारी कर यात्रियों से व्यवधान के लिए माफी मांगी। हालांकि, उन्होंने उस दिन रद्द हुई उड़ानों की संख्या का जिक्र नहीं किया।
डीजीसीए ने रविवार देर रात एक आदेश जारी कर इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर इसिड्रो पोरक्वेरस को एयरलाइन के संचालन में जारी व्यवधान पर जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब देने की समय सीमा सोमवार शाम 6 बजे तक बढ़ा दी है। शनिवार को जारी नोटिस में नियामक ने कहा था कि बड़े पैमाने पर परिचालन विफलताएं योजना, निगरानी और संसाधन प्रबंधन में गंभीर चूक की ओर इशारा करती हैं।





