किसे मिलने जा रही IndiGo की कमान? जिसकी खबर आते ही 3% से ज्यादा टूट गए कंपनी के शेयर
मुख्य बातें
- IndiGo की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन (InterGlobe Aviation) के शेयरों में 3% से ज्यादा की गिरावट आई
- इसकी वजह मीडिया रिपोर्ट्स में राहुल भाटिया द्वारा अपने बेटे माधव भाटिया को भविष्य की बड़ी भूमिका के लिए तैयार किए जाने की खबर बताई जा रही है
- माधव भाटिया पिछले कुछ महीनों से काफी एक्टिव हैं

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन (InterGlobe Aviation) के शेयरों में मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान 3% से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि कंपनी के सह-संस्थापक राहुल भाटिया अपने बेटे माधव भाटिया को भविष्य में बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी कर रहे हैं। इस खबर के सामने आते ही निवेशकों में हलचल बढ़ गई और शेयरों पर दबाव दिखाई दिया। कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर करीब 3.41% गिरकर 5,124 रुपये तक पहुंच गया। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।
इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों से माधव भाटिया IndiGo की एग्जीक्यूटिव कमेटी (Executive Committee) की बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं। इतना ही नहीं, कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी उन्हें एयरलाइन बिजनेस की बारीकियां समझा रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह एक सुनियोजित "ग्रूमिंग प्रोसेस" का हिस्सा है, ताकि भविष्य में वह कंपनी की बड़ी जिम्मेदारियां संभालने के लिए तैयार हो सकें।
हालांकि, अभी तक कंपनी की ओर से आधिकारिक तौर पर यह नहीं कहा गया है कि माधव भाटिया को किसी विशेष पद पर नियुक्त किया जाएगा। लेकिन रिपोर्ट के अनुसार, राहुल भाटिया चाहते हैं कि उनका बेटा बिना किसी विशेष सुविधा के खुद अपने काम और क्षमता के दम पर कंपनी में अपनी पहचान बनाए। रिपोर्ट में राहुल भाटिया के करीबी सूत्र के हवाले से कहा गया है कि वह नहीं चाहते कि माधव सीधे किसी बड़े पद पर पहुंच जाएं, बल्कि पहले बिजनेस को गहराई से समझें और खुद को साबित करें।
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब IndiGo पहले से ही नेतृत्व परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। एयरलाइन के मौजूदा CEO पीटर एल्बर्स (Pieter Elbers) ने मार्च में इस्तीफा दे दिया था और अगले महीने एविएशन इंडस्ट्री के अनुभवी अधिकारी विली वॉल्श (Willie Walsh) कंपनी के नए CEO का पद संभाल सकते हैं। ऐसे में कंपनी के भीतर कई बड़े बदलाव हो रहे हैं, जिन पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि दिसंबर में एयरलाइन को बड़े परिचालन संकट का सामना करना पड़ा था। उस समय पायलटों की कमी के कारण एक सप्ताह के भीतर 3,000 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं। इस घटना के बाद राहुल भाटिया ने अंतरिम CEO के तौर पर कंपनी के संचालन में अधिक सक्रिय भूमिका निभाई। साथ ही उन्होंने इंटरग्लोब एंटरप्राइजेज के कुछ भरोसेमंद अधिकारियों को IndiGo की प्रमुख नेतृत्व टीम में शामिल किया, ताकि संचालन को और मजबूत बनाया जा सके।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी बड़ी कंपनी में नेतृत्व परिवर्तन या उत्तराधिकारी (Succession Planning) से जुड़ी खबरें अक्सर निवेशकों की धारणा को प्रभावित करती हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि माधव भाटिया को भविष्य में कौन-सी भूमिका मिलेगी, लेकिन इस तरह की अटकलों ने शेयर बाजार में हल्की बेचैनी जरूर पैदा कर दी है।
इंडिगो के शेयर में गिरावट
IndiGo (InterGlobe Aviation Ltd) के शेयर बुधवार को भारी दबाव में रहे। खबर लिखे जाने तक NSE पर कंपनी का शेयर 3.38% यानी 179.50 रुपये टूटकर 5,125.50 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
हालांकि, निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि फिलहाल यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है और कंपनी की ओर से किसी औपचारिक उत्तराधिकारी की घोषणा नहीं की गई है। इसलिए केवल इन खबरों के आधार पर निवेश का फैसला लेने के बजाय कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, भविष्य की रणनीति और आधिकारिक घोषणाओं पर भी नजर रखना जरूरी होगा। IndiGo भारतीय विमानन बाजार की सबसे बड़ी एयरलाइन बनी हुई है और उसका मजबूत नेटवर्क, बढ़ती यात्री संख्या और विस्तार की योजनाएं लंबे समय में उसके प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण कारक रहेंगी।


