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संकट का सटीक कारण बताना संभव नहीं... इंडिगो का DGCA को जवाब

संकट का सटीक कारण बताना संभव नहीं... इंडिगो का DGCA को जवाब

संक्षेप:

हाल के दिनों में देशभर के एयरपोर्ट्स पर हजारों यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी थी, जिसके बाद DGCA ने एयरलाइन से स्पष्टीकरण मांगा था। अब नियामक विभाग इंडिगो के जवाब की जांच कर रहा है और कहा है कि जरूरत पड़ने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

Dec 08, 2025 09:05 pm ISTVarsha Pathak लाइव हिन्दुस्तान
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IndiGo Crisis: इंडिगो की हाल की बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन और ऑपरेशनल गड़बड़ियों पर DGCA की ओर से जारी शो कॉज नोटिस का जवाब एयरलाइन ने भेज दिया है। DGCA ने बताया कि इंडिगो की ओर से CEO और COO दोनों द्वारा साइन किया गया विस्तृत जवाब 8 दिसंबर 2025 को शाम 6:01 बजे जमा किया गया। हाल के दिनों में देशभर के एयरपोर्ट्स पर हजारों यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी थी, जिसके बाद DGCA ने एयरलाइन से स्पष्टीकरण मांगा था। अब नियामक विभाग इंडिगो के जवाब की जांच कर रहा है और कहा है कि जरूरत पड़ने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

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एयरलाइन कंपनी ने क्या कहा

इंडिगो ने अपने जवाब में यात्रियों से गहरी माफी मांगते हुए कहा है कि यह पूरा संकट कई कारणों के 'एक साथ और अप्रत्याशित रूप से' होने का नतीजा है। एयरलाइन का कहना है कि इस संकट का 'सटीक कारण बताना इस समय संभव नहीं है।' पूरे मामले पर नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के कारण बताओ नोटिस के जवाब में इंडिगो ने और समय मांगते हुए सोमवार को कहा कि परिचालन की जटिलता और व्यापकता को देखते हुए "व्यावहारिक तौर पर सटीक कारण बताना इस समय संभव नहीं है"। उसने कहा है कि डीजीसीए के मैनुअल में कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया जाता है और 'मूल कारण के विश्लेषण' के लिए उसे और समय दिया जाना चाहिए। रेगुलेटरी ने एक प्रेस नोट में बताया कि एयरलाइंस ने कहा है कि विश्लेषण पूरा होने के बाद नियामक के साथ साझा किया जाएगा। डीजीसीए ने 06 दिसंबर को इंडिगो को कारण बताओ नोटिस जारी किया था और 07 दिसंबर तक जवाब मांगा था। बाद में एयरलाइंस के अनुरोध पर उसे एक दिन का और समय दिया गया था।

ये कारण भी गिनाए

एयरलाइन ने शुरुआती जांच में पांच मुख्य वजहें सामने रखी हैं—छोटे-छोटे तकनीकी गड़बड़ी, विंटर शेड्यूल के कारण शेड्यूल बदलाव, खराब मौसम, एयर ट्रैफिक के बढ़ते दबाव और नए क्रू रोस्टर नियम (FDTL Phase II) के लागू होने की दिक्कतें। इंडिगो का कहना है कि वे पहले से ही DGCA के साथ FDTL Phase II नियमों की चुनौतियों पर बात कर रहे थे और इस नियम के लिए कुछ छूट या राहत चाहते थे। ये सभी कारण मिलकर दिसंबर की शुरुआत में नेटवर्क के आन टाइम परफार्मेंस को गिराने लगे, जिसके चलते क्रू उपलब्धता भी प्रभावित हुई और कैंसिलेशन बढ़ते चले गए।

स्थिति को संभालने के लिए इंडिगो ने 5 दिसंबर को “नेटवर्क रीबूट” जैसा सख्त कदम उठाया, जिसमें बड़ी संख्या में फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं। एयरलाइन का कहना है कि यह कदम इसलिए जरूरी था ताकि फंसे हुए यात्रियों को राहत मिल सके, एयरपोर्ट्स की भीड़ कम हो और क्रू/एयरक्राफ्ट को सही तरह से री-पोज़िशन किया जा सके। उनका दावा है कि 6 दिसंबर से सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य होने लगीं। साथ ही उन्होंने कहा कि यात्रियों को समय पर अपडेट, खाने-पीने की सुविधा, होटल और लोकल ट्रांसपोर्ट जैसी व्यवस्थाएं DGCA के नियमों के अनुसार उपलब्ध कराई गईं और ज्यादातर यात्रियों को रिफंड भी प्रोसेस कर दिए गए हैं। अब DGCA इस पूरे जवाब का विश्लेषण कर रहा है और आगे क्या कार्रवाई होगी, यह जल्द पता चलेगा।

Varsha Pathak

लेखक के बारे में

Varsha Pathak
वर्षा पाठक बतौर डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर करीब 2 साल से हिन्दुस्तान डिजिटल से जुड़ी हुई हैं। मूल रूप से मधुबनी (बिहार) की रहने वाली वर्षा लाइव हिन्दुस्तान में बिजनेस सेक्शन के लिए खबरें लिखती हैं। उन्हें बिजनेस सेक्शन के अलग-अलग जॉनर की खबरों की समझ है। इसमें स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, यूटिलिटी आदि शामिल हैं। करीब 7 साल से मीडिया इंडस्ट्री में सक्रिय वर्षा ने यहां से पहले दैनिक भास्कर और नेटवर्क 18 में बतौर कंटेंट राइटर काम किया है। उन्हें रिपोर्टिंग का भी अनुभव है। करियर की छोटी अवधि में ही वर्षा के काम की ना सिर्फ सराहना हुई है बल्कि सम्मानित भी किया गया है। वर्षा ने जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता में डिप्लोमा की डिग्री ली। और पढ़ें
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