
इंडिगो पर बढ़ी सख्ती; डीजीसीए ने CEO को किया तलब, 11 एयरपोर्ट पर जांच के आदेश
नियामक के आदेशानुसार इंडिगो को उड़ानें बहाल करने, पायलटों तथा चालक दल की भर्ती योजना, पायलट व चालक दल की अपडेटेड संख्या, रद्द की गई उड़ानों की संख्या और रिफंड आदि से संबंधित जानकारी प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
प्राइवेट एयरलाइन कंपनी इंडिगो की ओर से खड़े किए गए संकट पर अब केंद्र सरकार एक्शन मोड में है। इसी कड़ी में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने 11 दिसंबर को दोपहर 3 बजे इंडिगो सीईओ पीटर एल्बर्स और एयरलाइन के शीर्ष अधिकारियों को तलब किया है। डीजीसीए ने बताया कि सीईओ को सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।
नियामक के आदेशानुसार इंडिगो को उड़ानें बहाल करने, पायलटों तथा चालक दल की भर्ती योजना, पायलट व चालक दल की अपडेटेड संख्या, रद्द की गई उड़ानों की संख्या और रिफंड आदि से संबंधित जानकारी प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। आपको बता दें कि डीजीसीए ने संयुक्त महानिदेशक संजय ब्राह्मणे, उप महानिदेशक अमित गुप्ता, वरिष्ठ उड़ान परिचालन निरीक्षक (एफओआई) कपिल मांगलिक और एफओआई लोकेश रामपाल वाली चार सदस्यीय समिति को इंडिगो की उड़ानों के परिचालन में व्यापक व्यवधानों के मूल कारणों का पता लगाने का काम सौंपा है।
11 एयरपोर्ट पर तात्कालिक निरीक्षण के आदेश
बता दें कि इंडिगो की फ्लाइट देरी और कैंसिलेशन की समस्या लगातार नौवें दिन भी जारी है। इस बीच, डीजीसीए ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 11 एयरपोर्ट पर तात्कालिक निरीक्षण के आदेश दिए हैं। विमानन नियामक ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे 2–3 दिनों के भीतर इन एयरपोर्ट्स का दौरा कर पूरी रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर मुख्यालय भेजें। यह कदम यात्रियों की सुरक्षा, ऑपरेशनल तैयारी, सुविधा प्रबंधन और मौजूदा अव्यवस्था के दौरान एयरलाइन की प्रतिक्रिया का आकलन करने के लिए उठाया गया है।
13 प्वाइंट पर निरीक्षण
विमानन नियामक डीजीसीए ने निरीक्षण के लिए 13 प्रमुख बिंदु निर्धारित किए हैं, जिनमें फ्लाइट देरी और कैंसिलेशन की स्थिति, टर्मिनल में भीड़, चेक-इन और सुरक्षा पर कतार प्रबंधन, एयरलाइन और एयरपोर्ट स्टाफ की पर्याप्तता, 24×7 हेल्प डेस्क, यात्रियों को समय पर जानकारी, पानी जैसी बेसिक सुविधाएं, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग यात्रियों को सहायता, बैठने की व्यवस्था, स्वच्छता, हाउसकीपिंग और लंबित बैगेज डिलीवरी शामिल हैं। अधिकारियों को यात्रियों से सीधा फीडबैक लेने को भी कहा गया है। इसके साथ ही, डीजीसीए ने इंडिगो से फ्लाइट बहाली, पायलट–क्रू भर्ती योजना, कैंसिल फ्लाइट्स और रिफंड, बैगेज स्टेटस और री-रूट के बारे में 11 दिसंबर दोपहर 3 बजे तक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
निगरानी दल का गठन
डीजीसीएस ने एयरलाइन के संचालन पर नजर रखने के लिए एक निगरानी दल का गठन किया है। एयरलाइन पर कड़ी नजर रखने के लिए एक निगरानी दल के गठन के अलावा, निरंतर निगरानी के लिए दो अधिकारियों को गुड़गांव स्थित इंडिगो के कॉर्पोरेट कार्यालय में स्थायी रूप से तैनात किया जाएगा। अपने आदेश में, डीजीसीए ने कहा कि इंडिगो पर कड़ी नजर रखी जा रही है क्योंकि DGCA ने निगरानी दल का गठन किया है और गुड़गांव मुख्यालय में दो अधिकारियों की तैनाती की है। देश भर के विभिन्न हवाई अड्डों पर इंडिगो एयरलाइंस के संचालन में व्यापक व्यवधानों के कारण यात्रियों को हुई असुविधा को देखते हुए, एक निगरानी दल गठित करने का निर्णय लिया गया है।
इंडिगो के चेयरमैन ने क्या कहा?
इंडिगो के चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता ने पिछले सप्ताह हुई उड़ानों के रद्द होने और देरी की घटनाओं के बाद पहली बार बयान दिया है। उन्होंने इस व्यवधान को एयरलाइन के अब तक के बेदाग रिकॉर्ड पर एक धब्बा बताया है। एक बयान में विक्रम सिंह मेहता ने कहा- इंडिगो ने पायलटों की थकान (एफडीटीएल) से संबंधित नियमों का उनके लागू होते ही पालन किया है। हमने जुलाई और नवंबर दोनों महीनों में इन नए नियमों के तहत परिचालन किया। हमने इनका उल्लंघन करने का कोई प्रयास नहीं किया। न ही हमने ऐसा कुछ किया जिससे सुरक्षा के मामले में हमारे बेदाग रिकॉर्ड पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा हो।





