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IndiGo संकट: ₹1 लाख पार कर गया फ्लाइट किराया, घरेलू के मुकाबले विदेश जाना सस्ता

IndiGo संकट: ₹1 लाख पार कर गया फ्लाइट किराया, घरेलू के मुकाबले विदेश जाना सस्ता

संक्षेप:

इंडिगो की ओर से करीब 500 उड़ानें रद्द करने से देश भर में हजारों यात्री कई घंटों तक फंसे रहे । उड़ानों के अचानक रद्द होने से टिकट कीमतों में भारी उछाल आया और प्रमुख रूटों पर किराया ₹1 लाख तक पहुंच गया।

Dec 05, 2025 06:52 pm ISTDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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IndiGo crisis: भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की ओर से करीब 500 उड़ानें रद्द करने से देश भर में हजारों यात्री कई घंटों तक फंसे रहे और हवाई यात्रा शुक्रवार को लगातार चौथे दिन भी पटरी से उतरी नजर आई। उड़ानों के अचानक रद्द होने से टिकट कीमतों में भारी उछाल आया और प्रमुख रूटों पर किराया ₹1 लाख तक पहुंच गया।

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किस रूट में कितनी कीमत

बिजनेस स्टैंडर्ड की खबर के मुताबिक दिल्ली–बेंगलुरु के लिए एयर इंडिया की एक-स्टॉप उड़ान की कीमत ₹1.02 लाख पहुंच गई। अकासा एयर ने इसी रूट पर ₹39000 जबकि दिल्ली–मुंबई रूट पर एयर इंडिया ने ₹60000 तक का किराया दिखाया। चेन्नई–दिल्ली रूट पर एयर इंडिया एक्सप्रेस का किराया ₹41000 और स्पाइसजेट का ₹69000 तक पहुंच गया। आमतौर पर इन रूटों पर किराया ₹4,000 से ₹7,000 होता है। हैदराबाद रूट पर भी यही हालत रही। हैदराबाद–दिल्ली के लिए एयर इंडिया की एक-स्टॉप फ्लाइट ₹87000, मुंबई ₹76500 और बेंगलुरु ₹41400 तक पहुंच गया। वहीं, एयर इंडिया एक्सप्रेस ने हैदराबाद–बेंगलुरु के लिए ₹36100 तक का किराया दिखाया। बता दें कि इंडिगो ने दिल्ली में 220 से अधिक, बेंगलुरु में 100 से ज्यादा और हैदराबाद में लगभग 90 उड़ानें रद्द कर दीं। बाद में स्पाइसजेट ने दिल्ली और मुंबई से अतिरिक्त उड़ानें शुरू करने की घोषणा की लेकिन ऊंची कीमतें जस की तस बनी रहीं।

विदेश जाना ज्यादा सस्ता

फ्लाइट किराया की स्थिति यह हो गई कि विदेश जाना देश के अंदर उड़ान भरने से सस्ता लगने लगा। शनिवार को दिल्ली–दुबई का एयर इंडिया टिकट ₹42000, और स्पाइसजेट का ₹39718 में उपलब्ध था। यह कई घरेलू फ्लाइट्स से कम था। दूसरी तरफ, दिल्ली–मुंबई की सभी ट्रेनें भी भीड़ जाने लगी हैं। इस रूट की ट्रेनें रविवार तक पूरी तरह फुल थीं और सोमवार से केवल तत्काल बुकिंग की ही संभावना बची।

क्यों मचा बवाल?

इंडिगो का संकट उन नए नियमों से खड़ा हुआ जिनके तहत पायलटों के साप्ताहिक आराम की जरूरत के समय को 12 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे कर दिया गया। साथ ही सप्ताह में केवल दो बार रात में लैंडिंग की अनुमति दी गई है, जो पहले छह हुआ करती थी। इंडिगो ने इन व्यवधानों के लिए गलत फैसलों और योजनागत कमियों को जिम्मेदार ठहराया है।

Deepak Kumar

लेखक के बारे में

Deepak Kumar
दीपक कुमार, हिन्दुस्तान डिजिटल में बिजनेस की खबरें लिखते हैं। वह स्टॉक मार्केट, यूटिलिटी समेत बिजनेस सेक्शन से जुड़ी हर खबरों की ना सिर्फ समझ रखते हैं, बल्कि आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। दीपक की बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी जबरदस्त पकड़ है। उन्हें बेहतरीन काम की सराहना मिलती रही है और सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से सीवान (बिहार) के रहने वाले दीपक के पास करीब 11 साल का अनुभव है। करियर की बात करें तो अमर उजाला से शुरू हुआ सफर दैनिक भास्कर,आजतक, इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप होते हुए हिन्दुस्तान डिजिटल तक पहुंच चुका है। फिलहाल, वह हिन्दुस्तान डिजिटल में बतौर असिस्टेंट न्यूज एडिटर कार्यरत हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं, पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए हिमाचल यूनिवर्सिटी चले गए। दीपक सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते हैं। उन्हें नई-नई तकनीक से रूबरू होना अच्छा लगता है। खाली वक्त में फिल्में देखना या क्रिकेट खेलना पसंद करते हैं। और पढ़ें
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