
अब बड़े एक्शन की बारी! Indigo की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, आज होगी पेशी
Indigo Crisis: भारत के आसमान पर राज करने वाली इंडिगो की मुश्किलें और बढ़ सकती है। डीजीसीए (DGCA) कड़ा एक्शन ले सकती है। आज 8 दिसंबर, दिन सोमवार को डीजीसीए ने इंडिगो के बड़े अधिकारी को पेश होने के लिए कहा है।
Indigo Crisis: भारत के आसमान पर राज करने वाली इंडिगो की मुश्किलें और बढ़ सकती है। डीजीसीए (DGCA) कड़ा एक्शन ले सकती है। आज 8 दिसंबर, दिन सोमवार को डीजीसीए ने इंडिगो के बड़े अधिकारी को पेश होने के लिए कहा है। इकनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार डीजीसीए इंडिगो को फरवरी तक रोजाना फ्लाइट्स की संख्या में कटौती का निर्देश दे सकती है। पायलट की कमी से जूझ रही एयरलाइन कंपनी को सिर्फ दिसंबर में ही 5000 से अधिक फ्लाइट्स को कैंसिल करना पड़ा है। जिसकी वजह से भारत के एविएशन सेक्टर को तगड़ा झटका लगा। बड़ी संख्या में यात्रि अलग-अलग एयरपोर्ट्स पर फंसे हैं।
आज की मीटिंग में डीजीसीए की तरफ से इंडिगो को मौजूदा पायलट्स के साथ फ्लाइट्स संचालन को लेकर एक प्लान की मांग की जा सकती है। एक सीनियर अधिकारी के अनुसार, “उनसे इस पेशी के दौरान एक रोड मैप की मांग की जा सकती है। इस रोड मैप में नियुक्ति प्रक्रिया, ट्रेनिंग क्षमता आदि पर सरकार की तरफ से कंपनी प्लान मांग सकती है।” आने वाले हफ्तों में उत्तर भारत में कोहरा भी शुरू हो जाएगा। जिसको लेकर भी सरकार की तरफ से एक प्लान तैयार किया जा सकता है। इस मौसम में भी उड़ाने प्रभावित होती हैं।
300 फ्लाइट्स की करनी पड़ सकती है कटौती
इंडिगो रोजाना 2300 फ्लाइट्स ऑपरेट करती है। रिपोर्ट के अनुसार कंपनी को डीजीसीए की तरफ से रोजाना 300 फ्लाइट्स की कटौती का निर्देश दे सकती है। कंपनी को यह निर्देश विंटर सीजन के लिए मिल सकता है। बता दें, अक्टूबर के आखिरी रविवार से मार्च के आखिरी रविवार तक विंटर सीजन होता है।
सरकार की तरफ से इंडिगो संकट को देखते हुए अकासा, एयर इंडिया और अन्य एयरलाइन कंपनियों को अपनी फ्लाइट्स की संख्या को बढ़ाने की निर्देश दे दिया गया है।
इंडिगो का क्या है प्लान
एयरलाइन कंपनी इंडिगो के एक सीनियर अधिकारी का कहना है कि अगले तीन महीने में ही पायलट्स की संख्या को बढ़ाया जा सकता है। जिससे कंपनी अपनी पूरी क्षमता में ऑपरेट कर पाएगी। रविवार के दिन कंपनी ने 1605 फ्लाइट्स की व्यवस्था की थी। इससे पहले शनिवार को कंपनी ने 1578 फ्लाइट्स का संचालन की किया था। स्थिति में थोड़ा सुधार तो हुआ है लेकिन यह नाकाफी है।
डीजीसीए को दिए बयान में कंपनी ने बताया है कि उनके पास 2357 कैप्टन्स हैं। जबकि उन्हें कम से कम 2422 कैंप्टन्स की आवश्यकता है।





