
इंडिगो के वादे पर सवाल: यात्रियों को ₹10,000 के वाउचर में मिले सिर्फ ₹4,000
IndiGo Voucher: 11 दिसंबर को इंडिगो ने ऐलान किया कि तीन से पांच दिसंबर से प्रभावित यात्रियों को इंडिगो की तरफ से 10,000 रुपये का ट्रैवल वाउचर दिया जाएगा। यह वाउचर अगले 12 महीनों तक किसी भी इंडिगो यात्रा में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
इंडिगो द्वारा घोषित किया गया निर्धारित मुआवजा उन यात्रियों को नहीं दिया जा रहा है जो तीन से पांच दिसंबर के बीच व्यापक पैमाने पर उड़ानें रद्द होने व समय से उड़ान न भरने के चलते प्रभावित हुए। यात्री ई-मेल और सोशल मीडिया के जरिए उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं, लेकिन इंडिगो बिना किसी ठोस कारण के वाउचर और मुआवजा धनराशि में कटौती कर रही है। यह कटौती किस आधार और किन नियमों के तहत की जा रही है, इसको लेकर भी इंडिगो स्थिति स्पष्ट करने से बच रही है।
वाउचर और मुआवजा धनराशि से जुड़ी शिकायतों को लेकर हिंदुस्तान की तरफ से मेल के जरिए इंडिगो से जवाब मांगा गया, लेकिन कंपनी की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला।
दिसंबर में इंडिगो की बड़ी संख्या में उड़ाने रद्द हुईं
दिसंबर के पहले सप्ताह में देश भर में इंडिगो की बड़ी संख्या में उड़ाने रद्द हुई या फिर निर्धारित समय से 10 से 14 घंटे तक की देरी से उड़ान भरी। इससे देश भर में इंडिगो के जरिए यात्रा कर रहे लोग प्रभावित हुए।
लोगों ने झेलीं दिक्कतें
काफी लोग शादियों में नहीं पहुंच पाए तो बड़ी संख्या में लोगों कंपनी या अपनी निजी बैठकों में शामिल नहीं हो पाए। इससे लोगों को भारी नुकसान पहुंचा, जिसको लेकर इंडिगो के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी।
10,000 रुपये का ट्रैवल वाउचर का ऐलान
उसके बाद 11 दिसंबर को इंडिगो ने ऐलान किया कि तीन से पांच दिसंबर से प्रभावित यात्रियों को इंडिगो की तरफ से 10,000 रुपये का ट्रैवल वाउचर दिया जाएगा। यह वाउचर अगले 12 महीनों तक किसी भी इंडिगो यात्रा में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
यह मुआवजा केंद्र सरकार की मौजूदा गाइडलाइंस के तहत मिलने वाले मुआवजे के अतिरिक्त होगा। सरकारी नियमों के अनुसार, उड़ान के निर्धारित समय से 24 घंटे के भीतर फ्लाइट रद्द होने पर यात्रियों को उड़ान की अवधि (ब्लॉक टाइम) के आधार पर 5,000 रुपये से 10,000 रुपये तक का मुआवजा दिया जाता है, लेकिन अब वाउचर करते वक्त कहानी उल्टी है।
चार हजार का वाउटर दिया वो भी एक्टिव नहीं
इंडिगो से पति-पत्नी के साथ सफर करने वाले एक परिवार चार हजार रुपये का वाउचर दिया गया है। इनका टिकट पांच दिसंबर को बुक था लेकिन अचानक से फ्लाइट कैंसिल की गई। पति-पत्नि घंटों तक एयरपोर्ट पर फंसे रहे। उसके बाद इन्हें आठ दिसंबर की फ्लाइट उपलब्ध कराई गई। इतना ही नहीं, इंडिगो ने चेक-इन में सामान लेने के बाद 28 दिसंबर को भी समय बदला।
फ्लाइट पहले सुबह 11 बजे की तय थी, जिसमें पहले देरी की गई और फिर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद फ्लाइट का समय शाम के चार बजे किया गया। अब इन्हें इंडिगो चार हजार रुपये का वाउचर दे रही है, जो सक्रिय भी नहीं किया गया है। अब सवाल उठता है कि कंपनी ने 10 हजार के वाउचर देने का ऐलान किया था लेकिन अब सिर्फ चार हजार का दिया जा रहा है।
रिफंड मिला चौथाई से कम, मुआवजे का पता नहीं
बुधवार को एक यात्री ने अपना पीएनआर नंबर साझा करते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय और इंडिगो को टैग करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि मेरी फ्लाइट छह दिसंबर को गुवाहटी से भुवनेश्वर (कोलकाता होते हुए) बुक थी।
छह दिसंबर को कोलकाता में ट्रांजिट के दौरान रद्द की गई। एयरलाइंस के अनुसार मुझे रिफंड और मुआवजा मिलना था। 18474 रुपये का खर्च कर टिकट बुक कराया था लेकिन मुझे रिफंड सिर्फ 4545 रुपये का मिला।
इस पर मंत्रालय ने इंडिगो से जवाब मांगा, जिसे पर इंडिगो ने कहा कि ग्राहक मुआवजे का पात्र नहीं है लेकिन फिर भी सद्भावना के तौर पर चार हजार रुपये दिए गए हैं। जब फ्लाइट एयरलाइंस की तरफ से रद्द की गई थी।
ऐसे में यात्री मुआवजा का हकदार बनता है। उधर, सूत्रों का कहना है कि मंत्रालय वाउचर और रिफंड से जुड़े मामलों की अलग से निगरानी कर रहा है। ऐसे मामलों को एकत्र किया जा रहा है, जिससे कंपनी से जवाब मांगा जा सके।





