ईरान-अमेरिका में बढ़ी तल्खी, भारतीय शेयर बाजार का फिर से बिगड़ेगा मूड?
पिछले सप्ताह अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद बाजार में जोरदार तेजी आई थी। ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान में हुई वार्ता बेनतीजा समाप्त हो गई है।

भारतीय शेयर बाजार में अगले हफ्ते के दौरान बड़ी हलचल हो सकती है। दरअसल, ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान में हुई वार्ता बेनतीजा समाप्त हो गई है। इससे ग्लोबल टेंशन एक बार फिर से बढ़ने की आशंका है। विश्लेषकों ने कहा कि पश्चिम एशिया से जुड़े घटनाक्रमों के अलावा कच्चे तेल की कीमतें भी इस सप्ताह बाजार की दिशा तय करेंगी। हालांकि, यह सप्ताह छुट्टी की वजह से छोटा रहेगा। बता दें कि सप्ताह के दूसरे दिन मंगलवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती के कारण बाजार बंद रहेंगे।
सीजफायर से उछला था बाजार
पिछले सप्ताह अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद बाजार में जोरदार तेजी आई थी। कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया था। इस दौरान बीएसई सेंसेक्स 4,230.7 अंक और एनएसई निफ्टी 1,337.5 अंक चढ़ा था। हालांकि, अब दोनों देशों के बीच एक बार फिर से तल्खी बढ़ सकती है। ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को कहा कि अमेरिकी पक्ष की ज्यादा मांगों के कारण वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई।
हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा कि कूटनीति कभी समाप्त नहीं होती। वहीं, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ने कहा कि ईरान द्वारा अपने परमाणु कार्यक्रम से पीछे न हटने के कारण शांति समझौता नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि अमेरिकी पक्ष ने अपना अंतिम प्रस्ताव रखा था लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया। वहीं, ईरानी पक्ष ने कहा कि कुछ मुद्दों पर सहमति बनी लेकिन दो से तीन महत्वपूर्ण विषयों पर मतभेद बने रहे।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
लाइवलॉन्ग वेल्थ के हरिप्रसाद ने कहा कि निफ्टी-50 इस समय एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। 24,000 अंक के स्तर को फिर से हासिल करने के बाद बाजार में उम्मीद दिख रही थी लेकिन वार्ता विफल होने से निकट अवधि का आउटलुक बदल गया है। उन्होंने कहा- बिना किसी समाधान के वार्ता समाप्त होने से बाजार में फिर से उतार-चढ़ाव बढ़ने की आशंका है, जैसा संघर्ष के शुरुआती चरणों में देखा गया था। उनके अनुसार, सोमवार को प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ खुल सकते हैं।
ये फैक्टर भी डालने वाले हैं असर
इस सप्ताह बाजार पर मुद्रास्फीति के आंकड़ों, कंपनियों के चौथी तिमाही के नतीजों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों का भी असर रहेगा। रेलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च हेड अजित मिश्रा ने कहा कि विप्रो, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसी प्रमुख कंपनियों के नतीजों पर निवेशकों की नजर रहेगी। इसके अलावा 13 अप्रैल को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) और 14 अप्रैल को थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) के आंकड़े भी जारी होंगे, जो महंगाई के रुझान का संकेत देंगे।
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Deepak Kumarहिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।
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