सरकार बेचने जा रही LIC से अपनी इतनी हिस्सेदारी, खबर आते ही 4% लुढ़का शेयर; आखिर चल क्या रहा?
मुख्य बातें
- LIC में सरकार अगले महीने करीब 2% हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर रही है, जिससे लगभग ₹10,000 करोड़ जुटाए जा सकते हैं
- रिपोर्ट्स के मुताबिक यह शेयर बिक्री संस्थागत निवेशकों के लिए लाई जाएगी
- सरकार का यह कदम SEBI के न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियमों को पूरा करने की दिशा में अहम माना जा रहा है

भारत सरकार एक बार फिर LIC (Life Insurance Corporation of India) में अपनी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार अगले महीने LIC के करीब 2% शेयर बेच सकती है, जिससे लगभग ₹10,000 करोड़ जुटाए जाने की संभावना है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया जा रहा है, जब शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है और वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितताएं भी बढ़ रही हैं। हालांकि, निवेशकों को इस खबर का असर कंपनी के शेयरों में गिरावट के रूप में देखने को मिला।
इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह शेयर बिक्री जून के आखिर या जुलाई की शुरुआत में हो सकती है। सरकार इस हिस्सेदारी को मुख्य रूप से संस्थागत निवेशकों यानी बड़े निवेशकों को बेचने की योजना बना रही है। इस पूरे सौदे को संभालने के लिए कई बड़ी निवेश बैंकिंग कंपनियों को जिम्मेदारी दी गई है। इनमें गोल्डमैन सैच (Goldman Sachs), BNP Paribas, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेस (Motilal Oswal Financial Services) और IIFL कैपिटल सर्विसेस शामिल हैं।
दरअसल, सरकार धीरे-धीरे LIC में अपनी हिस्सेदारी कम कर रही है, ताकि कंपनी में पब्लिक शेयरहोल्डिंग बढ़ाई जा सके। मौजूदा समय में सरकार के पास LIC की करीब 96.5% हिस्सेदारी है। लेकिन, भारतीय शेयर बाजार नियामक SEBI (Securities and Exchange Board of India) के नियमों के मुताबिक किसी भी सूचीबद्ध कंपनी में कम से कम 25% पब्लिक शेयरहोल्डिंग होना जरूरी है। LIC को यह लक्ष्य पूरा करने के लिए 2032 तक का समय दिया गया है।
गौरतलब है कि साल 2022 में LIC का IPO देश का सबसे बड़ा IPO माना गया था। उस समय सरकार ने करीब 3.5% हिस्सेदारी बेचकर लगभग ₹21,000 करोड़ जुटाए थे। IPO का इश्यू प्राइस ₹949 प्रति शेयर रखा गया था। हालांकि, लिस्टिंग के बाद शेयर में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला और कई निवेशकों को शुरुआती दौर में नुकसान भी उठाना पड़ा। लेकिन, पिछले कुछ समय में LIC के शेयरों में सुधार देखने को मिला है।
एक्सपर्ट का मानना है कि सरकार के इस कदम से बाजार में बड़ा संदेश जाएगा। अगर यह OFS यानी ऑफर फॉर सेल सफल रहता है, तो इससे सरकार को राजस्व जुटाने में मदद मिलेगी और बाजार में निवेशकों की भागीदारी भी बढ़ेगी। वहीं, दूसरी ओर निवेशकों की नजर इस बात पर भी रहेगी कि सरकार किस कीमत पर शेयर बेचती है और बाजार की प्रतिक्रिया कैसी रहती है।
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है, जब पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भारतीय बाजार की चिंता बढ़ा दी है। तेल महंगा होने से भारत का आयात बिल बढ़ सकता है, जिसका असर अर्थव्यवस्था और बाजार दोनों पर पड़ता है। ऐसे माहौल में LIC का यह बड़ा शेयर सेल निवेशकों के लिए काफी अहम माना जा रहा है।
LIC का शेयर परफॉर्मेंस
सरकार द्वारा कंपनी में करीब 2% हिस्सेदारी बेचने की खबर के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिसका असर शेयर पर साफ नजर आया। LIC (Life Insurance Corporation of India) के शेयरों में आज (27 मई 2026) दबाव देखने को मिला। खबर लिखे (02:23pm) जाने तक NSE पर यह स्टॉक 3.50% की गिरावट के साथ ₹824.95 पर कारोबार कर रहा था। LIC का शेयर BSE पर यह करीब 4% टूटकर इंट्राडे में ₹810 तक पहुंच गया।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि LIC अभी भी भारत की सबसे बड़ी बीमा कंपनी है और उसके पास बड़ा ग्राहक आधार और मजबूत ब्रांड वैल्यू है। इसलिए लंबे समय के निवेशकों की नजर इस ऑफर पर बनी रह सकती है। हालांकि, बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए निवेशकों को सतर्कता के साथ फैसला लेने की सलाह दी जा रही है।
लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए
काम कर रहे हैं। सर्वेश्वर बिजनेस और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की खबरों, रिव्यू और गहराई से किए गए एनालिसिस के लिए जाने जाते
हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग
पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में
ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में
भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी
निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के
दिनों में उन्होंने महाराष्ट्र के गोंदिया में दो महीने से अधिक समय तक सोशल वेलफेयर से जुड़े कार्य किए, जहां उन्होंने कई
स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्रों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। लेखन के अलावा सर्वेश्वर को बचपन से ही
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