
GDP आंकड़ों से गदगद सरकार, CEA बोले- इस बार 7% के ग्रोथ को कर जाएंगे पार
वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़े जारी कर दिए गए हैं।सितंबर तिमाही की यह वृद्धि दर पिछली छह तिमाहियों में सबसे अधिक है। इससे पहले उच्चतम वृद्धि 8.4 प्रतिशत थी, जो वित्त वर्ष 2023-24 की जनवरी–मार्च तिमाही में दर्ज की गई थी।
वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़े जारी कर दिए गए हैं। जुलाई से सितंबर की इस तिमाही में इकोनॉमी का ग्रोथ अनुमान से बेहतर 8.2% पर पहुंच गया। इस आंकड़े से पीएम नरेंद्र मोदी भी गदगद हैं। उन्होंने कहा कि ये केंद्र सरकार की नीतियों के सुधारों को प्रतिबिंबित करते हैं। इस बीच, मुख्य आर्थिक सलाहकार यानी सीईए वी अनंत नागेश्वरन ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर सात प्रतिशत या इससे अधिक रहने की पूरी उम्मीद है।
बता दें कि इस साल पेश आर्थिक समीक्षा के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में जीडीपी 6.3 से 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इस लिहाज से कहा जा सकता है कि आर्थिक समीक्षा के अनुमान पीछे छूट सकते हैं। दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़े जारी होने के बाद नागेश्वरन ने कहा कि मौजूदा वृद्धि दर को देखते हुए चालू वित्त वर्ष में ही भारतीय अर्थव्यवस्था 4,000 अरब डॉलर के पार चली जाएगी। उन्होंने बताया कि इस साल मार्च के अंत में भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 3,900 अरब डॉलर था।
आंकड़ों से गदगद पीएम मोदी
जीडीपी के आंकड़ों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी गदगद हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा-वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में 8.2 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि दर बहुत उत्साहजनक है। यह हमारी वृद्धि-समर्थक नीतियों और सुधारों के प्रभाव को बताती है। यह हमारे लोगों की कड़ी मेहनत और उद्यमशीलता को भी दर्शाती है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सुधारों को आगे बढ़ाती रहेगी और प्रत्येक नागरिक के लिए जीवन को आसान बनाने के लिए काम करती रहेगी।
वित्त मंत्री ने क्या कहा?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी सोशल मीडिया के जरिए इन आंकड़ों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि आर्थिक संकेतक भी निरंतर आर्थिक गति और व्यापक आधार पर खपत में वृद्धि की पुष्टि करते हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 'एक्स' पर लिखा, "जीडीपी वृद्धि के अनुमान भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत वृद्धि और रफ्तार को दर्शाते हैं। 8.2 प्रतिशत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि के साथ भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था है।"
सितंबर तिमाही में 8.2 प्रतिशत ग्रोथ
देश की अर्थव्यवस्था ने चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो पिछली छह तिमाहियों में सबसे अधिक है। यह वृद्धि अनुमान से अधिक रही जिसमें जीएसटी दरों में कटौती से खपत बढ़ने की उम्मीद की अहम भूमिका है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, दूसरी तिमाही में देश के जीडीपी की वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत रही जो पिछले वर्ष की समान अवधि की 5.6 प्रतिशत वृद्धि से अधिक है। इस साल की अप्रैल-जून तिमाही में वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही थी।





