गैस सिलेंडर को लेकर बड़ा अपडेट! ग्राहकों को अब इस नए तरीके से मिलेगी LPG
मुख्य बातें
- LPG Price: गैस सिलेंडर को लेकर एब बड़ा अपडेट सामने आया है
- अब सरकार ने ग्राहकों को LPG की सप्लाई देने के लिए एक नया तरीका अपनाया है
- पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते LPG सप्लाई पर दबाव बढ़ा है, जिसे संभालने के लिए भारत ने स्पॉट मार्केट से गैस खरीदना शुरू कर दिया है

LPG Price: पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब भारत की रसोई तक पहुंचने लगा है। एलपीजी (रसोई गैस) की सप्लाई पर दबाव बढ़ने के बीच भारत ने अब स्पॉट मार्केट से LPG खरीदना शुरू कर दिया है, ताकि घरों और कारोबार में गैस की कमी न हो। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) दुनिया का बड़ा ऊर्जा सप्लायर है। लेकिन, हाल के संघर्ष के कारण वहां से सप्लाई प्रभावित हुई है। ऐसे में भारत, जो अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, अब तुरंत जरूरत पूरी करने के लिए स्पॉट खरीदारी कर रहा है। सरकारी तेल कंपनियां (OMCs) अब अमेरिका जैसे देशों से अतिरिक्त LPG कार्गो खरीद रही हैं, जो जून-जुलाई तक भारत पहुंचने की उम्मीद है।
भारत की LPG जरूरत कितनी है?
भारत में रोजाना करीब 80,000 टन LPG की जरूरत होती है। अच्छी बात यह है कि देश ने अपनी घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाई है। पहले घरेलू उत्पादन कम था, जो अब बढ़कर करीब 46,000 टन प्रति दिन हो गया है, यानि अब भी एक बड़ा हिस्सा आयात पर निर्भर है।
अब कहां से आ रही है गैस?
पहले भारत की लगभग 90% LPG सप्लाई खाड़ी देशों (UAE, कतर, सऊदी अरब आदि) से आती थी। लेकिन, अब सरकार ने रणनीति बदलते हुए आयात के स्रोत बढ़ा दिए हैं। अब इस लिस्ट में अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस जैसे देशों को जोड़ा गया है। पहले 10 देशों से आयात होता था, अब इसे बढ़ाकर 15 देशों तक कर दिया गया है।
सप्लाई बनाए रखने की क्या तैयारी?
सरकार के मुताबिक करीब 8 लाख टन LPG का आयात पहले ही सुनिश्चित किया जा चुका है। हाल ही में 10 जहाज भारत पहुंचे, जिनमें से 9 में कुकिंग गैस थी। यह दिखाता है कि सरकार सप्लाई चेन को बनाए रखने के लिए लगातार सक्रिय है।
स्पॉट खरीदारी क्या होती है?
आसान भाषा में समझें तो लॉन्ग-टर्म कॉन्ट्रैक्ट पहले से तय कीमत और सप्लाई पर होती है। इस स्पॉट खरीदारी में तुरंत जरूरत के हिसाब से बाजार से खरीद की जाती है। अभी भारत स्पॉट खरीद इसलिए कर रहा है, क्योंकि अचानक सप्लाई में कमी आई है।
क्या आम लोगों पर असर पड़ेगा?
फिलहाल सरकार का फोकस साफ है कि घरेलू गैस सप्लाई बाधित न हो। इसलिए सिलेंडर की उपलब्धता बनी रहने की उम्मीद है। हालांकि, अगर अंतरराष्ट्रीय कीमतें ज्यादा समय तक ऊंची रहती हैं, तो भविष्य में कीमतों पर असर पड़ सकता है।
पश्चिम एशिया के संकट के कारण भारत ने LPG सप्लाई को सुरक्षित रखने के लिए ये नई रणनीति अपनाई है। इसका मकसद साफ है कि देश में गैस की कमी न हो और हर घर तक सिलेंडर समय पर पहुंचे।
लेखक के बारे में
Sarveshwar Pathakसर्वेश्वर पाठक अक्टूबर 2022 से ‘लाइव हिंदुस्तान’ में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में बिजनेस और ऑटो सेक्शन के लिए
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हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 7 साल से अधिक का अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ और समझ के जरिए एक अलग
पहचान बनाई है। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल की और वर्ष 2019 में
ईटीवी भारत के साथ अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने दैनिक जागरण और एडिटरजी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में
भी काम किया, जहां उन्होंने अपनी लेखन शैली और विश्लेषण क्षमता को और निखारा।
उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर से आने वाले सर्वेश्वर केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी
निभाते हैं। उन्हें बाल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता से जुड़े अभियानों में विशेष रुचि है। अपने विश्वविद्यालय के
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