
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों के लिए बड़े अवसर खोलेगा : गोयल
प्रस्तावित समझौते के तहत व्यापार और निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी और आपूर्ति श्रृंखला में सुधार होगा। समझौते के तहत लक्ष्य रखा गया है कि दोनों पक्षों के बीच व्यापार अगले 10 वर्षों में दोगुना से अधिक की बढ़ोतरी होगी। इसलिए दोनों पक्ष समझौते से जुड़े वार्तों को तेजी से आगे बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर चर्चा कर रहे हैं। भारत की तरफ से केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल न्यूजीलैंड के दौरे पर हैं। दोनों पक्ष समझौते से जुड़ी वार्ता को जल्द पूरा करना चाहते हैं। संभावना जताई जा रही है कि अगले कुछ महीने में समझौते पर अंतिम सहमति बन सकती है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का कहना है कि यह समझौता दोनों पक्षों के लिए बड़े अवसर खोलेगा। उन्होंने कहा कि यह सौदा जल्दबाजी में नहीं, बल्कि सभी संवेदनशील मुद्दों पर विचार के बाद होगा।

गौरतलब है कि दोनों पक्षों के वार्ताकार पिछली बैठकों में हुई प्रगति को आगे बढ़ाने और लंबित मुद्दों पर सहमति बनाने की दिशा में सकारात्मक चर्चा कर रहे हैं। समझौता संतुलित, व्यापक और परस्पर लाभकारी साझेदारी पर केंद्रित होगा, जिससे दोनों पक्षों को लाभ होगा। हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार में तेजी से वृद्धि हुई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल व्यापार 1 अरब 30 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया है। यह उससे पहले वित्त वर्ष की तुलना में 48 फीसदी अधिक रहा है।
प्रस्तावित समझौते के तहत व्यापार और निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी और आपूर्ति श्रृंखला में सुधार होगा। समझौते के तहत लक्ष्य रखा गया है कि दोनों पक्षों के बीच व्यापार अगले 10 वर्षों में दोगुना से अधिक की बढ़ोतरी होगी। इसलिए दोनों पक्ष समझौते से जुड़े वार्तों को तेजी से आगे बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।
संतुलित समझौते पर कर रहे काम : क्रिस्टोफर
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लकसन ने कहा है कि भारत और न्यूजीलैंड की समृद्धि, सुरक्षा और सामाजिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण देश है। ऑकलैंड में आयोजित एक कार्यक्रम में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले के साथ प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर ने हिस्सा लिया।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग से न केवल व्यापारिक संबंध मजबूत होंगे, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और नवाचार को भी प्रोत्साहन मिलेगा। दोनों देश मुक्त व्यापार समझौते पर तेजी से काम कर रहे हैं।
इस समझौते से न्यूजीलैंड के व्यवसायों को भारतीय बाजार में विशाल अवसर प्राप्त होंगे। हम भारत के साथ एक मजबूत और संतुलित एफटीए पर काम कर रहे हैं, जो न्यूजीलैंड की कंपनियों के लिए भारतीय बाजार में बड़े अवसर पैदा करेगा।
अमेरिका से भी निरंतर चर्चा कर रहे हैं: गोयल
गोयल ने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए लगातार चर्चा जारी है। उन्होंने कहा कि बातचीत अच्छी चल रही है। कई संवेदनशील मुद्दे हैं, कई गंभीर मुद्दे हैं तो स्वाभाविक है कि थोड़ा समय लगेगा। गौरतलब है कि इस वर्ष फरवरी में, भारत और अमेरिका के नेताओं ने अधिकारियों को एक प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर बातचीत करने का निर्देश दिया था। उन्होंने समझौते के पहले चरण को 2025 की शरद ऋतु तक पूरा करने की समय सीमा तय की है।
ये विचार-विमर्श महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत का भारी-भरकम शुल्क लगाए जाने के बाद से दोनों देशों के बीच संबंध काफी तनावपूर्ण हो गए हैं। इसमें रूसी कच्चे तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त आयात शुल्क भी शामिल है।





