ग्रे मार्केट में बढ़ी सोने की सप्लाई, इंपोर्ट ड्यूटी का पड़ा उल्टा असर?

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मुख्य बातें

  • सरकार ने 13 मई को सोने पर आयात शुल्क बढ़ाकर 15% कर दिया था
  • आयात शुल्क बढ़ने से अवैध कारोबार करने वालों के लिए मुनाफे का अंतर बढ़ गया है जबकि संगठित कारोबारियों और ज्वेलरी उद्योग पर इसका दबाव पड़ रहा है
How to identify real or fake gold
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की ताजा रिपोर्ट में दावा

केंद्र सरकार की ओर से गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी यानी आयात शुल्क बढ़ाए जाने के बाद इसकी तस्करी बढ़ गई है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक सरकार के इस फैसले के बाद तस्करी और अनौपचारिक यानी ग्रे मार्केट के जरिए आने वाले सोने में तेजी देखने को मिल रही है। बता दें कि ईरान और इजरायल-अमेरिका की जंग के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से सोने की खरीदारी पर कंट्रोल करने की अपील की थी। इसके बाद सरकार ने 13 मई को सोने पर आयात शुल्क बढ़ाकर 15% कर दिया था। इसका मकसद सोने की मांग को नियंत्रित करना, व्यापार घाटा कम करना और रुपये पर दबाव घटाना था।

क्या कहते हैं जानकार?

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के भारतीय कारोबार के प्रमुख सचिन जैन के अनुसार, 15% आयात शुल्क के साथ 3% जीएसटी को मिलाकर आधिकारिक सोने पर कुल टैक्स का अंतर करीब 18% तक पहुंच जाता है। इतना बड़ा अंतर ग्रे मार्केट कारोबार को आकर्षक बना रहा है और इससे अवैध आयात को बढ़ावा मिल रहा है। आयात शुल्क बढ़ने से अवैध कारोबार करने वालों के लिए मुनाफे का अंतर बढ़ गया है जबकि संगठित कारोबारियों और ज्वेलरी उद्योग पर इसका दबाव पड़ रहा है। हालांकि, सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

आंकड़े दे रहे गवाही

सरकार ने इस महीने की शुरुआत में संसद को बताया कि भारतीय जांच एजेंसियों ने 13 मई से 30 जून के बीच, 1 अप्रैल से 12 मई के मुकाबले लगभग दोगुना सोना जब्त किया। जब्ती की मात्रा 86.16 किलोग्राम से बढ़कर 160.91 किलोग्राम हो गई। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार, सोने की तस्करी 2024 में घटकर 69.2 मीट्रिक टन रह गई, जो एक साल पहले 156.1 टन थी। भारत द्वारा सोने पर आयात शुल्क कम करने के बाद 2025 में यह और घटकर 20.4 टन हो गई। उद्योग से जुड़े अधिकारियों का अनुमान है कि 2026 में अवैध सोने का आयात 100 टन से भी ज्यादा हो सकता है।

बता दें कि भारत दुनिया में चीन के बाद सोने का सबसे बड़ा उपभोक्ता है। हालांकि, आधिकारिक सोने के आयात में गिरावट आई है। जून तिमाही में भारत का शुद्ध सोना आयात सालाना आधार पर 23% घटकर 98.1 टन रह गया। यह सितंबर 2020 के बाद किसी तिमाही का सबसे निचला स्तर है। वहीं, जून तिमाही में भारत की कुल सोने की मांग 6% घटकर 131.4 टन रह गई। हालांकि, तस्करी के आंकड़ों ने सरकार की टेंशन जरूर बढ़ा दी है।

Deepak Kumar

लेखक के बारे में

Deepak Kumar

हिन्दुस्तान डिजिटल में करीब 5 साल से कार्यरत दीपक कुमार यहां बिजनेस की खबरें लिखते हैं। दीपक को स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस के अलावा बिजनेस से जुड़े तमाम विषयों की गहरी समझ है। वह जटिल आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को सरल, संतुलित और आम बोलचाल की भाषा में पाठकों तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। उनकी बिजनेस सेक्शन के अलावा एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरों पर भी मजबूत पकड़ है। दीपक को उनके बेहतरीन काम के लिए विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। मूल रूप से बिहार के सीवान जिले से ताल्लुक रखने वाले दीपक के पास पत्रकारिता का करीब 13 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला से की। इसके बाद दैनिक भास्कर, आजतक और इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम किया। इसका अगला पड़ाव हिन्दुस्तान डिजिटल था, जहां वह वर्तमान में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। दीपक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की जबकि हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हुए हैं। जहां एक तरफ वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो वहीं नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखते हैं। खाली समय में फिल्में देखना, खाना बनाना और क्रिकेट खेलना पसंद है।

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