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Paytm को सरकार से झटका, 50 करोड़ रुपये के निवेश पर लगी रोक

  • फिनटेक की दिग्गज कंपनी Paytm को सरकार से बड़ा झटका लगा है। सरकार ने Paytm को अपनी पेटीएम पेमेंट सर्विस में 50 करोड़ रुपये ($6 मिलियन) के निवेश को रोकने का फैसला किया है।

Varsha Pathak नई दिल्ली, हिन्दुस्तान संवाददाताTue, 16 April 2024 07:07 PM
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फिनटेक की दिग्गज कंपनी Paytm को सरकार से बड़ा झटका लगा है। सरकार ने Paytm को अपनी पेटीएम पेमेंट सर्विस में 50 करोड़ रुपये ($6 मिलियन) के निवेश को रोकने का फैसला किया है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट में ये जानकारी दी गई है। रिपोर्ट में तीन सरकारी अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि यह देरी पेटीएम की मूल कंपनी में चीन के निवेशक के स्वामित्व के बारे में चिंताओं के कारण है।

क्या है मामला?

दरअसल, Paytm ने पेमेंट गेटवे ब्रांच में निवेश के लिए सरकार से मंजूरी मांगी थी। भारत के गृह मंत्रालय ने जनवरी में निवेश को मंजूरी दे दी थी, लेकिन विदेश मंत्रालय ने "राजनीतिक आधार" का हवाला देते हुए इसे अस्वीकार कर दिया। इस वजह से Paytm के निवेश पर रोक लग गया है। बता दें कि Paytm में चीन की कंपनियों का स्वामित्व सरकार के लिए चिंता का विषय रहा है।

 

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मैनेजमेंट लेवल पर भी भूचाल

बता दें कि हाल ही में पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (पीपीबीएल) के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ सुरिंदर चावला ने व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दे दिया। पेटीएम पेमेंट्स बैंक की प्रमोटर कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड है। पेटीएम ने शेयर बाजार को बताया कि सुरिंदर चावला को 26 जून, 2024 को पीपीबीएल से पद मुक्त कर दिया जाएगा।

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RBI ने लिया था एक्शन

इस साल जनवरी में आरबीआई ने पीपीबीएल को 29 फरवरी के बाद ग्राहक खातों, वॉलेट, फास्टैग और अन्य उपकरणों में जमा या टॉप-अप स्वीकार करना बंद करने का निर्देश दिया था। इसके बाद पेटीएम और पीपीबीएल के बीच लगभग सभी समझौते एक मार्च 2024 से समाप्त कर दिए गए और पीपीबीएल के बोर्ड को एक स्वतंत्र अध्यक्ष सहित पांच स्वतंत्र निदेशकों के साथ पुनर्गठित किया गया है तथा कंपनी से कोई नामांकित व्यक्ति उसमें नहीं है। बता दें कि रिजर्व बैंक ने पेटीएम की सहयोगी इकाई पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड को 15 मार्च के बाद ग्राहकों के साथ नए लेनदेन करने से रोक दिया है। पेटीएम पेमेंट्स बैंक में विजय शेखर शर्मा की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है। हालांकि, रेगुलेटरी ने स्पष्ट किया है कि यूपीआई भुगतान जैसी पेटीएम सेवाएं जो पीपीबीएल से जुड़ी नहीं हैं, वे काम करना जारी रखेंगी।

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